court decision : किशोरी को स्कूल छोड़ने का कहकर ले जा रहा था कहीं और, छेड़छाड़ भी की, कोर्ट ने सुनाई आरोपी को यह सजा

Betul news : अनन्य विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) बैतूल ने 15 वर्षीय अवयस्क बालिका का व्यपहरण कर उसके साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं कुल 5000 रुपये अर्थदण्ड से दंडित किया है। आरोपी किशोरी को स्कूल छोड़ने का कहकर कहीं और ले जा रहा था।
मीडिया सेल प्रभारी अमित कुमार राय ने बताया कि थाना सारणी क्षेत्र के अंतर्गत आरोपी विकास उर्फ विक्की पिता चिंताहरण दास, उम्र 21 वर्ष, निवासी- शक्तिगढ़, थाना चोपना को धारा 363 के अपराध का दोषी पाते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2000 रुपए के अर्थदण्ड से, धारा 354 के अपराध का दोषी पाते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2000 रुपए के अर्थदण्ड से एवं धारा 12 सहपठित धारा 11 पॉक्सो एक्ट के अपराध का दोषी पाते हुए 2 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1000 रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। प्रकरण में शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी / विशेष लोक अभियोजक एसपी वर्मा एवं अनन्य विशेष लोक अभियोजक ओमप्रकाश सूर्यवंशी के द्वारा पैरवी की गई।
घटना का संक्षिप्त विवरण यह है कि पीड़िता 15 वर्षीय अवयस्क बालिका के द्वारा 15 जुलाई 2018 को अपनी माता एवं भाई के साथ थाना सारणी जिला बैतूल में आकर एक लिखित आवेदन पत्र इस आशय का प्रस्तुत किया है कि वह कक्षा 11वीं की छात्रा होकर अनुसूचित जाति की सदस्य हैं। उसके मोहल्ले में आरोपी विक्की दास नाम का लड़का उसकी दीदी के घर आता है, जिसे वह जानती हैं।
11 जुलाई 2018 को वह स्कूल जा रही थी। रास्ते में उसे बस स्टैंड के आगे आरोपी विक्की दास मिला। वह उससे बोला कि उसके साथ चल तो पीड़िता उसकी गाड़ी पर बैठ गई। फिर आरोपी विक्की उसे ड्रिलिंग कैंप की तरफ ले जाने लगा। इस पर वह गाड़ी से उतर गई और घर आ गई।
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घर आकर उसने उसकी मम्मी को तथा भोपाल में उसके भाई को फोन से घटना की जानकारी दी। फरियादी (पीड़िता) की रिपोर्ट पर थाना सारणी द्वारा आवश्यक अनुसंधान उपरांत आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र तैयार कर अनन्य विशेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। विचारण में अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया।



