Lithium In India: अब सस्ते होंगे मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रिक व्हीकल, भारत में मिला लाखों टन का खजाना
Lithium In India: Now mobiles, laptops and electric vehicles will be cheaper, millions of tonnes of treasure found in India

Lithium In India: देश में मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रिक व्हीकल अब कम दाम में मिलेंगे। इसका मुख्य कारण यह है कि देश में लिथियम का भंडार मिला है। फिलहाल इस लिथियम पर ऑस्ट्रेलिया और चीन की बादशाहत है। इन दोनों देशों को पास कई लाख टन का लिथियम के रिजर्व हैं। लेकिन भारत के खनन मंत्रालय ने बहुत बड़ी खबर दी है। सरकार ने गुरुवार को कहा कि देश में पहली बार जम्मू-कश्मीर में लिथियम के भंडार का पता लगा है।
सोलर पैनल से लेकर फोन तक में लिथियम का यूज(Lithium In India)
खनन सचिव विवेक भारद्वाज के मुताबिक, बैटरी के अलावा मोबाइल फोन या फिर सोलर पैनल के लिए लिथियम की जरूरत होती है। भारद्वाज ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाना है तो ऐसे महत्वपूर्ण खनिजों का पता लगाना और उन्हें संसाधित करना जरूरी है।
करीब 60 लाख टन लिथियम का अनुमान
खान मंत्रालय के अनुसार, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने पहली बार जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के सलाल-हैमाना क्षेत्र में 5.9 मिलियन टन के लिथियम अनुमानित संसाधन (G3) का पता लगाया है। खनन सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा, “पहली बार लीथियम के भंडार की खोज की गई है और वह भी जम्मू-कश्मीर में पाए गए हैं।” भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) द्वारा अन्वेषण पर, जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में लिथियम के भंडार पाए गए हैं।
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दरअसल, लिथियम बैटरी में यूज किए जाने वाले अहम घटकों में से एक है। वर्तमान में भारत लिथियम (lithium), निकल (nickel) और कोबाल्ट (cobalt) जैसे कई खनिजों के लिए आयात के लिए दूसरे देशों पर पूरी तरह से आश्रित है। जम्मू कश्मीर में लिथियम के इतने बड़े भंडार (Lithium In India) के मिलने से काफी हद तक लिथियम के लिए भारत को दूसरे देशों पर आश्रित नहीं होना पड़ेगा। कहा जा रहा है कि लिथियम के भंडार के मिलने के बाद इलेक्ट्रिक व्हीकल की रफ्तार बढ़ सकती है।
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लिथियम के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है भारत (Lithium In India)
दरअसल लिथियम एक ऐसी ‘अलौह’ धातु है जो किसी भी बैटरी में एक अहम घटकों में से एक है। इससे पहले, खान मंत्रालय ने कहा था कि उभरती तकनीकों के लिए महत्वपूर्ण खनिज सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए सरकार ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना से लिथियम सहित खनिजों को सुरक्षित करने के लिए कई सक्रिय उपाय कर रही है। वर्तमान में, भारत लिथियम (lithium), निकल (nickel) और कोबाल्ट (cobalt) जैसे कई खनिजों के लिए आयात पर निर्भर है।
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फोन से लेकर सोलर पैनल तक लिथियम की जरूरत
केंद्रीय भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड की 62वीं बैठक में खनन सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा कि चाहे वह मोबाइल फोन हो या सोलर पैनल, हर जगह महत्वपूर्ण खनिजों की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बनने के लिए देश के लिए महत्वपूर्ण खनिजों का पता लगाना और उन्हें संसाधित करना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सोने का आयात कम किया जाता है, तो “हम आत्मनिर्भर बन जाएंगे।”
लीथियम आयन बैटरियों की ये है खासियत
लीथियम आयन बैटरियों की क्षमता ज्यादा होती है और अन्य रासायनिक क्रियाओं पर आधारित बैटरियों की तुलना में इनकी उम्र भी लंबी होती है। लीथियम आयन बैटरियों के दम पर ही इलेक्ट्रिक वाहनों की रेंज बढ़ाने में मदद मिली है और एक ही चार्ज में 500 से 700 किलोमीटर तक चलने वाली कारें बन पा रही हैं। लीथियम आयन बैटरियों से ही एक चार्ज पर कई दिन चलते रहने वाले मोबाइल फोन बन पाए हैं। अभी भारत अपनी जरूरत के लिए लीथियम आयन बैटरियां आयात करता है।



