court decision : युवक के साथ किया था अप्राकृतिक कृत्य, न्यायालय ने आरोपियों को सुनाई 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा

बैतूल। युवक के साथ अप्राकृतिक कृत्य कर लैंगिक शोषण करने वाले आरोपियों को अदालत ने 10-10 वर्ष के कठोर कारावास एवं जुर्माने से दण्डित किया है। विशेष न्यायालय (एट्रोसिटी एक्ट) बैतूल ने यह सजा आरोपी मोंटी उर्फ सागर राऊत (25) निवासी मुलताई एवं आरोपी राहुल पिपरदे (25) निवासी मुलताई को धारा 377 भादवि के अपराध में दोषी पाते हुये सुनाई है।
आरोपियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ ही 1000-1000 रुपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया गया है। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शशीकांत नागले एवं जिला अभियोजन अधिकारी एसपी वर्मा पैरवी की गयी। एडीपीओ अमित कुमार राय तथा सौरभ सिंह ठाकुर द्वारा पैरवी में सहयोग किया गया।
श्री नागले ने बताया कि घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि 6 अप्रैल 2018 को रात्रि 10 बजे प्रकरण का फरियादी नवयुवक अपने घर जा रहा था। तभी रास्ते में कोल्डड्रिंक की दुकान के पास उसे आरोपी मिले थे। आरोपियों ने फरियादी से कहा चल अभी आते हैं। इसके बाद उन्होंने फरियादी को मोटर सायकल पर बीच में बिठा लिया और तकिया वाले बाबा की दरगाह के पास रामनगर मुलताई लेकर गये।
वहां पर दोनों फरियादी के साथ गंदी-गंदी हरकते करने लगे। फरियादी भागने लगा तभी आरोपी मोंटी ने उसके दोनों हाथ पकड़े और आरोपी राहुल ने फरियादी के रस्सी से दोनों हाथ बांध दिए। इसके बाद बारी-बारी से दोनों ने फरियादी के साथ अप्राकृतिक कृत्य कर लैंगिक शोषण किया।
फरियादी ने घटना का रिपोर्ट पुलिस थाना मुलताई में दर्ज कराई। आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। विचारण में अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया, जिसके आधार पर न्यायालय द्वारा आरोपियों को दण्डित किया गया।



