यह बड़ा अत्याचार: कत्लखाने जाने से तो बचे पर यहां चारा नहीं मिलने से गोवंश तोड़ रहे दम

हिंदू संगठनों और पुलिस की सक्रियता से गोवंश को कत्लखाने जाने से बचा कर गोशालाओं में रखा तो जा रहा है, लेकिन उनकी जान यहां भी नहीं बच पा रही है। यहां उन्हें लापरवाह व्यवस्था एक-एक कर मार रही है। भोपाल के पास एक गौशाला में बड़ी संख्या में गोवंश की मृत्यु के जैसे मामले ही अब मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में भी सामने आ रहे हैं। यहां भी एक गोशाला में चारा नहीं मिलने पर गोवंश की तड़प-तड़प कर जान जा रही है। मामला चिचोली जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली जयश्री गुरुदेव तपश्री गौशाला सिपलई का है।
ग्राम पंचायत देवपुर कोटमी के ग्राम सिपलई में इस गोशाला का संचालन स्व सहायता समूह के माध्यम से किया जाता है। यहां रखे गए गोवंश के लिए भूसा या चारा तक नहीं है। ऐसे में भूख से तड़प-तड़प कर गोवंश दम तोड़ रहे हैं । खास बात यह है कि इस मामले की जानकारी पंचायत व पशु चिकित्सा विभाग को भी है, लेकिन अब तक उनके द्वारा गोवंश की मौतों को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।

यही कारण है कि बुधवार के दिन यहां रखे गए 2 गोवंश ने दम तोड़ दिया। जबकि 1 गोवंश तड़पते हुए मौत की राह देख रहा था। कहने को तो गौशाला का संचालन स्व सहायता समूह के पास है, लेकिन वास्तव में संचालन ग्राम पंचायत के द्वारा किया जाता है। हाल ही में गत माह की 27 तारीख को चारा-भूसा के नाम पर 70 हजार की राशि स्व सहायता समूह के खातों में डाली गई थी। लेकिन मौके पर भूसा के नाम पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा था।

मौके पर तड़प रहे गोवंश के सामने जब पास में ही रखा सूखा चारा डाला गया तो गोवंश उन पर भूख के मारे टूट पड़े। इस संबंध में समूह की अध्यक्ष श्रीमती रश्मि कुमरे से बात की गई तो उनका कहना था कि इस बारे में उन्होंने कई बार पंचायत व पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को चारा-भूसा नहीं होने की स्थिति से अवगत कराया है। बावजूद इसके गोवंश के भोजन की किसी भी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिसके कारण आए दिन यहां पर गोवंश दम तोड़ रहे हैं।
इस संबंध में तहसीलदार नरेश राजपूत ने बताया कि यह स्थिति उनकी जानकारी में आई है। शीघ्र ही इसके नियंत्रण के प्रयास हेतु पंचायत विभाग एवं पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं ताकि गोवंश भोजन की उत्तम व्यवस्था की जा सके।
पशु चिकित्सा अधिकारी ने भी दी थी चेतावनी
पशु चिकित्सा विभाग चिचोली के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. केसी तंवर कहना है कि कुछ दिन पहले ही वे निरीक्षण के लिए गौशाला गए थे। वहां पर भूसा गोदाम में गोवंश के लिए कुछ भी भोजन उपलब्ध नहीं था। इसका वीडियो भी उनके द्वारा बनाया गया है। गौशाला की स्व सहायता समूह संचालन की महिलाओं ने उन्हें बताया था कि कई दिनों से भूसा नहीं मिलने के कारण गोवंश को दिक्कत हो रही है। इस पर उन्होंने पंचायत के सचिव व सरपंच सहित अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों को कहा था कि समय पर गोवंश के लिए भोजन की उपलब्धता करवाएं अन्यथा गोवंश कमजोर होने की स्थिति में दम तोड़ते रहेंगे। उनकी इस चेतावनी पर पंचायत द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिसका परिणाम है कि यहां पर आए दिन गोवंश भूख से तड़प तड़प कर दम तोड़ रहे हैं।



