Gangavatran Abhiyan: श्रम के पसीने से की सिंचाई तो हरियाली से लहलहा उठी वीरान हो चुकी पहाड़ी
Gangavatran Abhiyan: Irrigation was done with the sweat of labor, then the deserted hill rose with greenery
Gangavatran Abhiyan: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आदर्श ग्राम बाचा की डोंगरदेव पहाड़ी पर रविवार को ग्रामवासियों ने गंगावतरण अभियान के अन्तर्गत श्रमदान के द्वारा जल संरचनाओं का निर्माण किया। प्रातः सभी ग्रामवासी गैंची-फावड़ा लेकर अपने घर से निकले व रैली के द्वारा पहाड़ी पर पहुँचकर दो घण्टे के सामुहिक श्रमदान से एक सैकड़ा से अधिक ग्रामवासियों ने पचास से अधिक खंतियों का निर्माण किया।
इस पहाड़ी पर ग्रामीणों ने भारत भारती के माध्यम से 2016-17 से हरियाली व जल संरक्षण का काम प्रारम्भ किया था। लगभग वीरान हो चुकी पहाड़ी आज बाँस, सागौन, नीम, जामुन आदि हजारों पेड़ों से लहलहा रही है। श्रमदान के पश्चात श्रमदानियों को सम्बोधित करते हुए गंगावतरण अभियान के संयोजक जल प्रहरी मोहन नागर ने कहा कि ग्रामवासियों द्वारा जल संरक्षण और निरन्तर पौधारोपण के कारण आज न केवल ग्राम में हरियाली लौटी है अपितु ग्राम से होकर बहने वाले नाले में भी वर्ष भर पानी बह रहा है। श्री नागर ने कहा कि श्रम करने से बड़े लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। यह बाचा ग्रामवासियों ने करके दिखाया है।
जिला पंचायत सदस्य राजेन्द्र कवड़े ने कहा कि भारत भारती के मार्गदर्शन मिलने से हमारे ग्राम को देखने के लिए लोग देश-दुनियाँ से आ रहे हैं। यह ग्रामवासियों के सामुहिक प्रयास से हुआ है। अनिल उइके ने गंगावतरण अभियान की रूपरेखा सबके सामने रखी। जनपद सदस्य रेवाराम उइके ने आभार व्यक्त किया।
श्रमदान के इस विशेष आयोजन में राजेंद्र कवड़े जिला पंचायत सदस्य रेवाराम उइके जनपद सदस्य, तारावती कवड़े सरपंच अनिल उइके, मिथिलेश कवड़े, रोशन काकोड़िया, शरद सिरसाम, योगेंद्र उइके, बलसिंग इवने सचिव, प्रमोद कवड़े, गोरु कुमरे, गणेश उइके, छोटू आहके सहित ग्रामवासियों ने सहभागिता की।



