सारनी के अस्तित्व को बचाने व्यापारियों का फूटा गुस्सा, बरसते पानी में निकाली 97 वाहनों की रैली
◼️ सोनू सोनी, सारणी
पाथाखेड़ा-सारनी के अस्तित्व को बचाने व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। इसी को व्यक्त करते हुए उन्होंने बरसते पानी में 97 वाहनों की भारी भरकम रैली निकाली। यह रैली सारनी से पाथाखेड़ा, शोभापुर, बगडोना तक निकाली गई। इस दौरान सभी उजड़ते शहर पाथाखेड़ा-सारनी के अस्तित्व को बचाने मांग करते रहे। सारनी बचाओ संघर्ष समिति के बंद का आह्वान शत-प्रतिशत सफल रहा।
सुबह से जारी बरसात के बावजूद व्यापारियों द्वारा सारनी, पाथाखेड़ा, शोभापुर, बगडोना तक 97 वाहनों की भारी भरकम रैली निकाली गई। आंदोलन को व्यापारियों के साथ आम जनता का भी भरपूर सहयोग मिला। वाहन रैली बगड़ोना स्वागत द्वार पहुंचने के बाद आम सभा में परिवर्तित हो गई। वाहन रैली के दौरान पूरे समय पुलिस बल मौजूद रहा। बगडोना स्वागत द्वार पर 2 घंटे सभा चलने के बाद आमसभा समाप्त हुई। आम सभा को संबोधित करने वालों ने शांति पूर्ण तरीके से अपने क्षेत्र को बचाने अपनी-अपनी बात रखी।

गौरतलब रहे कि सारनी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पॉवर प्लांट एक में 12 दिसंबर 2012 को जनसभा को संबोधित करते हुए 62.5 मेगावाट की बिजली इकाई के स्थान पर 660 मेगावाट की सुपरक्रिटिकल बिजली इकाई लगाने की घोषण की गई थी। वर्ष 2013 विधानसभा और 2014 के लोकसभा चुनाव के वोट लेने के बाद पॉवर प्लांट लगाने की घोषणा सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दी।
विधानसभा के चुनाव आते ही सीएम शिवराज सिंह चौहान नवंबर 2018 में पाथाखेड़ा पहुंचे और पाथाखेड़ा में कोयला खदान व सारनी में बिजली यूनिट लगाने की घोषणा कर जनता का विश्वास विधानसभा-लोकसभा में दूसरी बार जितने में सफल हो गए। लेकिन, उनके द्वारा की गई घोषणा आज तक पूरी नहीं हुई। इससे शुक्रवार को क्षेत्र के व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। वे एकत्रित होकर जायज मांगों को लेकर सड़कों पर उतर गए। देखें वीडियो…
पाथाखेड़ा क्षेत्र में पूर्व कोयला मंत्री प्रह्लाद पटेल ने तवा 3 खदान खोलने की घोषणा की थी। केंद्र और राज्य में लंबे समय से भाजपा की सरकार होने के बावजूद क्षेत्र पूरी तरह वीरान हो गया है। इसके बावजूद सरकार और जिले के प्रतिनिधि कोयला-खदान और बिजली इकाई लगाने के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।
वर्ष 2008 में नगर पालिका क्षेत्र में 98 हजार मतदाता मौजूद थे। जो वर्तमान में घटकर 42 हजार रह गए हैं। रोजगार नहीं मिलने से यहां का मजदूर दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करने को मजबूर हो रहे हैं। शनिवार को सारनी बचाओ संघर्ष समिति द्वारा सारनी के गेट 7 पर आमसभा की जाएगी।




