MP Weather Update: मध्यप्रदेश में आज हल्की बारिश, 25 से नया सिस्टम देगा भारी वर्षा
MP Weather Update: मध्यप्रदेश में इन दिनों कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर चल रहा है। रविवार को कई जिलों में बादल डेरा डाले रहे। वहीं आज कई जिलों में हल्की बारिश होती रहेगी। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक तेज बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन 25 और 26 सितंबर से फिर एक बार तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इसके बाद धीरे-धीरे मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी।
रविवार को इन जिलों में बारिश
रविवार को राजधानी भोपाल सहित नर्मदापुरम, उज्जैन, मंडला और नरसिंहपुर में हल्की से मध्यम बारिश हुई। भोपाल में बारिश के चलते कोलार डैम, कलियासोत डैम और भदभदा डैम के गेट खोले गए, जिससे आसपास के इलाकों में पानी का स्तर बढ़ा। प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में बौछारें दर्ज की गईं। उज्जैन में दिनभर धूप और उमस से परेशान लोगों को शाम को हुई बारिश से बड़ी राहत मिली।

आगे का कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, सोमवार और मंगलवार को भी हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। हालांकि 25 सितंबर से कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। विभाग ने यह भी बताया कि रविवार को कोई बड़ा सिस्टम सक्रिय नहीं था, लेकिन लोकल क्लाउड सिस्टम के कारण कुछ इलाकों में बौछारें दर्ज हुईं।
अगले हफ्ते से बड़ा बदलाव
मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 और 26 सितंबर से प्रदेश में फिर से तेज बारिश का दौर आएगा। यह बारिश कई जिलों में खेतों और जलस्रोतों के लिए वरदान साबित हो सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे मानसून की वापसी शुरू हो जाएगी और अक्टूबर के पहले सप्ताह तक बरसात का मौसम समाप्त हो जाएगा।

बरसात का आंकड़ा सामान्य से ज्यादा
मध्यप्रदेश में इस सीजन की अब तक की बारिश औसतन 43.8 इंच दर्ज की जा चुकी है। जबकि इस समय तक सामान्यत: 36.3 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश को करीब 7.5 इंच अधिक पानी मिल चुका है। पूरे सीजन का औसत 37 इंच रहता है, जो पिछले सप्ताह ही पूरा हो चुका है। आंकड़ों के मुताबिक इस बार 118 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है।
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कुछ संभागों में फिर भी कम वर्षा
औसत से ज्यादा बारिश होने के बावजूद प्रदेश के सभी हिस्सों में स्थिति समान नहीं है। इंदौर और उज्जैन संभाग में शुरुआत से ही बारिश कम दर्ज की गई है। इन क्षेत्रों में मानसून के शुरुआती महीनों में पर्याप्त वर्षा नहीं हो सकी, जिसके कारण खेतों में नमी की कमी महसूस की गई। किसानों को उम्मीद है कि 25 और 26 सितंबर की बारिश से इस कमी को कुछ हद तक पूरा किया जा सकेगा।
डैम और नदियों पर बारिश का असर
बारिश का असर प्रदेश की नदियों और जलाशयों पर साफ दिख रहा है। भोपाल और आसपास के डैम लगातार पानी से भर रहे हैं। नर्मदा और बेतवा नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। ग्रामीण इलाकों में छोटे-छोटे तालाब और कुंए लबालब हो चुके हैं, जिससे पेयजल संकट की आशंका काफी कम हो गई है।
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कहीं फायदा तो कहीं हुआ नुकसान
बरसात का असर सीधे तौर पर खेती पर भी देखने को मिला है। कई जगहों पर अच्छी बारिश ने खरीफ की फसलों को मजबूती दी है, वहीं अधिक पानी के कारण कुछ क्षेत्रों में सोयाबीन और मूंगफली की फसलों को नुकसान भी हुआ है। अब किसान रबी की तैयारी की ओर देख रहे हैं और चाहते हैं कि मानसून की विदाई से पहले पर्याप्त नमी जमीन में बनी रहे।
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