Jan Vishwas Bill 2025: जन विश्वास विधेयक लोकसभा में पेश, 76 अपराधों के लिए अब सिर्फ सलाह या चेतावनी
Jan Vishwas Bill 2025: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज लोकसभा में जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया। इस विधेयक को पहले ही केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से मंजूर किया जा चुका है।
मंत्री श्री गोयल ने लोकसभा अध्यक्ष से विधेयक को सेलेक्ट कमिटी को भेजने का अनुरोध भी किया है। समिति के सदस्यों का चयन माननीय अध्यक्ष की ओर से किया जाएगा और समिति अगले सत्र के पहले दिन तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

अपराधमुक्त करने वाला कानून (Jan Vishwas Bill 2025)
यह प्रक्रिया जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2023 की सफलता पर आधारित है- जो विभिन्न अधिनियमों में छोटे अपराधों को व्यवस्थित रूप से अपराधमुक्त करने वाला पहला समेकित कानून है। 11 अगस्त 2023 को अधिसूचित 2023 अधिनियम ने 19 मंत्रालयों/ विभागों की ओर से प्रशासित 42 केंद्रीय अधिनियमों के 183 प्रावधानों को अपराधमुक्त कर दिया।

16 केंद्रीय अधिनियम है शामिल (Jan Vishwas Bill 2025)
2025 विधेयक इस सुधार एजेंडे का विस्तार करते हुए 10 मंत्रालयों/विभागों की ओर से प्रशासित 16 केंद्रीय अधिनियमों को इसमें शामिल करता है। कुल 355 प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव है- 288 प्रावधानों को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहन देने के लिए गैर-अपराधीकरण किया जाएगा, और 67 प्रावधानों में जीवन सुगमता को सुगम बनाने के लिए संशोधन का प्रस्ताव है।
मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन (Jan Vishwas Bill 2025)
जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025 में जीवन सुगमता को सुगम बनाने के लिए नई दिल्ली नगर परिषद् अधिनियम, 1994 (एनडीएमसी अधिनियम) और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अंतर्गत 67 संशोधनों का भी प्रस्ताव है।
विधेयक की यह हैं प्रमुख विशेषताएं (Jan Vishwas Bill 2025)
- पहली बार उल्लंघन: 10 अधिनियमों के अंतर्गत 76 अपराधों के लिए सलाह या चेतावनी।
- गैर-अपराधीकरण: मामूली, तकनीकी या प्रक्रियात्मक चूक के लिए कारावास की धाराओं को मौद्रिक दंड या चेतावनी से प्रतिस्थापित किया जाएगा।
- दंडों का युक्तिकरण: दंड को आनुपात पर आधारित बनाया जाएगा, और बार-बार होने वाले अपराधों के लिए क्रमिक दंड दिया जाएगा।
- न्यायनिर्णयन तंत्र: प्रशासनिक प्रक्रियाओं के जरिए दंड लगाने के लिए नामित अधिकारियों को सशक्त बनाया जाएगा, जिससे न्यायिक बोझ कम होगा।
- जुर्माने और दंड में संशोधन: विधायी संशोधनों के बिना निवारण बनाए रखने के लिए हर तीन साल में स्वचालित रूप से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
- चाय अधिनियम, 1953, विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009, मोटर वाहन अधिनियम, 1988, और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940, जैसे चार अधिनियम, जन विश्वास अधिनियम, 2023 का हिस्सा थे और वर्तमान विधेयक के अंतर्गत इनका और अधिक गैर-अपराधीकरण करने का प्रस्ताव है।
आर्थिक विकास को मिलेगा प्रोत्साहन (Jan Vishwas Bill 2025)
जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025 भारत की नियामक सुधार यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और सतत आर्थिक विकास और बेहतर व्यावसायिक सुगमता को प्रोत्साहन देगा। (Jan Vishwas Bill 2025)
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