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60 Feet High Nest: वाह… ऐसा घरौंदा और कहां मिलेगा… यहां पक्षियों के लिए बना है डुप्लेक्स…

60 Feet High Nest: Wow... Where else would you find such a house... Duplex is made for birds here...

विश्व गौरेया दिवस पर विशेष

60 Feet High Nest: वाह... ऐसा घरौंदा और कहां मिलेगा... यहां पक्षियों के लिए बना है डुप्लेक्स...

▪️लोकेश वर्मा, मलकापुर (बैतूल)

60 Feet High Nest: जंगल खत्म होने से पक्षियों के प्राकृतिक घोसले उजड़ रहे हैं। गौरैया गायब हो गई। तोते नहीं दिखते तो कौवे भी दिखाई नहीं देते। इसलिए अब इस तरह के नए इंतजाम पक्षियों के नए आशियाने होंगे। आपने यूं तो पक्षियों के कई प्रकार के घोंसले देखे होंगे, लेकिन मध्यप्रदेश के बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर परिसर में करीब 60 फीट ऊंचा घोसला तैयार हैं। जहां करीब 2 हजार पक्षियों के रहने की व्यवस्था है। मंदिर परिसर ग्रीन बेल्ट से जुड़ा है। इसीलिए यहां बड़ी संख्या में कबूतर सहित अन्य पक्षी चिड़िया, मैना, तोते सहित प्रवासी पक्षी यहां दिखाई देते हैं।

60 Feet High Nest: Wow... Where else would you find such a house... Duplex is made for birds here...

उज्जैन में गुजरात के श्रीराम कबूतर घर ट्रस्ट के द्वारा पक्षीघर का निर्माण कराया गया है। इसकी ऊंचाई लगभग 60 फीट है। इन पक्षीघरों में 2000 पक्षियों को बसेरा मिलता है। गुजरात के वाघ जी महाराज पक्षियों के घर बनाने को पूरे भारत में पिछले 40 साल से एक अभियान के रूप में चला रहे हैं।

वनों और पेड़ों की कटाई के चलते लगातार पक्षियों के आशियाने कम होता देख वाघ जी ने पक्षी घर बनवाना शुरू किया था। उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर परिसर में बड़ी मीनार की तरह दिखने वाला घोंसले बनकर तैयार हैं। इनमें लगभग 650 घोंसले हैं। हर एक घोंसले में दो से तीन पक्षी रह सकते हैं।

क्या है इस घोंसले की खासियत (60 Feet High Nest)

60-65 फीट की हाइट में एक स्तंभ के रूप में बहुत सुंदर तरीके से निर्माण किया है। उनके इस अभियान से यह प्रेरणा मिलती है कि हमने प्रकृति के साथ छेड़छाड़ की तो हम प्रकृति का क्या संरक्षण कर सकते हैं और क्या पोषण दे सकते हैं? पक्षियों के रहने के लिए इससे बढ़िया और कोई जगह हो नहीं सकती। दाना मिलता है, पानी मिलता है। यहांं अन्य पक्षियों के द्वारा शिकार से भी बचते हैं। पक्षियों के लिए दाना जमीन पर डाला जाता है वे दाना चुगकर घोंसलो में विश्राम करते हैं।

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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