Ladli Behna Yojana: अब लाड़ली बहनों को 1250 के अलावा 5000 रुपये महीने भी, सीएम मोहन यादव का ऐलान, देखें किन्हें मिलेगा लाभ
Ladli Behna Yojana: मध्यप्रदेश से शुरू हुई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना आज देश की सबसे लोकप्रिय योजना है। इस योजना से फिलहाल लाड़ली बहनों को 1250 रुपये महीने की किस्त मिल रही है। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ दिलाया जाएं।
इसी कड़ी में एक और योजना का ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया है। इस योजना का लाभ लेने पर लाड़ली बहनों को महीने के 1250 रुपये का लाभ तो मिलता ही रहेगा, इसके अलावा हर महीने 5000 रुपये अलग से मिलेंगे। यह योजना क्या है और इसका लाभ कैसे मिलेगा, इस बारे में आइए जानते हैं विस्तार से।
महिलाओं के लिए Ladli Behna Yojana के अलावा यह नई योजना
दरअसल, मध्यप्रदेश सरकार ने श्रमिक वर्ग को राहत देने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। लाड़ली बहना योजना की तर्ज पर अब मजदूरों को सीधे आर्थिक मदद देने की तैयारी की गई है। इस नई योजना का नाम लेबर इंसेंटिव स्कीम रखा गया है। योजना के तहत मजदूरों को हर महीने पांच हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
ग्वालियर कार्यक्रम में की गई घोषणा
ग्वालियर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना का ऐलान किया और साथ ही अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी जानकारी साझा की। सरकार का कहना है कि यह योजना मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ उन्हें रोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी।

इस योजना को शुरू करने का यह उद्देश्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मजदूर समाज किसी भी राज्य की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी होते हैं। कई बार उन्हें उचित पारिश्रमिक और सुरक्षा नहीं मिल पाती। इसी कमी को पूरा करने के लिए लेबर इंसेंटिव स्कीम लाई जा रही है। योजना के तहत एक मजदूर को सालाना 60 हजार रुपये तक की सीधी आर्थिक मदद दी जाएगी।
Ladli Behna Yojana की लाड़ली बहनों को मिलेगा विशेष लाभ
लेबर इंसेंटिव स्कीम का फायदा उन महिलाओं को भी मिलेगा जो उद्योगों या अन्य कामकाज से जुड़ी हैं। अभी लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं को घर बैठे 1250 रुपये हर महीने दिए जाते हैं। लेकिन अगर कोई महिला उद्योगों में काम करती है, तो उसे इस योजना के तहत कुल 5000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
Ladli Behna Yojana के अलावा हर महीने 13 हजार आमदनी
मुख्यमंत्री ने उदाहरण देकर समझाया कि यदि किसी महिला को उद्योगपति 8000 रुपये वेतन देते हैं, तो सरकार की ओर से 5000 रुपये और जोड़े जाएंगे। इस तरह महिला को हर महीने 13 हजार रुपये मिलेंगे। इसका सीधा असर महिलाओं की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा और वे अधिक आत्मनिर्भर बनेंगी।
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योजना से मजदूरों को होने वाला लाभ
नई स्कीम लागू होने के बाद मजदूरों को सीधा फायदा मिलेगा। जहां पहले मजदूर केवल अपने रोजगारदाता से मिलने वाले वेतन पर निर्भर रहते थे, अब सरकार हर महीने 5000 रुपये जोड़कर उन्हें अतिरिक्त सहायता देगी। इससे उनकी मासिक आय में इजाफा होगा। सरकार का मानना है कि इससे मजदूरों की जीवनशैली बेहतर होगी, उन्हें अपने बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर खर्च करने में आसानी होगी और भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ेगा।

Ladli Behna Yojana की महिलाओं की वित्तीय स्थिति में सुधार
लाड़ली बहना योजना ने पहले ही प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक सहारा दिया है। इस योजना से महिलाओं की वित्तीय स्थिति में खासा सुधार आया है। अब लेबर इंसेंटिव स्कीम के जरिए सरकार उन महिलाओं को और अधिक प्रोत्साहन दे रही है जो घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ उद्योगों और व्यवसायिक संस्थानों में भी काम करती हैं।
Ladli Behna Yojana सहित पहले से चल रही योजनाएं
मध्यप्रदेश में श्रमिक वर्ग के लिए पहले से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें सबसे प्रमुख है मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल 2.0 योजना। इसके अंतर्गत असंगठित मजदूरों को शिक्षा प्रोत्साहन राशि दी जाती है। दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
यदि कोई मजदूर स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो उसके लिए भी सहायता प्रावधान है। इसके अलावा श्रमिक अनुदान योजना में मजदूरों को परिवहन सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। इन सभी योजनाओं के साथ अब लेबर इंसेंटिव स्कीम भी जुड़ जाएगी, जिससे श्रमिकों के जीवन स्तर में और सुधार आएगा।
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Ladli Behna Yojana के अलावा मजदूरों के लिए क्यों जरूरी यह योजना
चाहे निर्माण क्षेत्र हो, उद्योग हों या फिर कृषि आधारित गतिविधियां, मजदूर हर जगह अपनी मेहनत और श्रम से विकास की नींव मजबूत करते हैं। लेकिन अक्सर वे असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और उन्हें स्थायी सुरक्षा नहीं मिलती। ऐसे में सरकार की यह योजना उनके लिए संबल साबित होगी। हर महीने की तय राशि उनके लिए स्थायी आय का स्रोत बनेगी और उन्हें काम के दौरान असुरक्षा की भावना नहीं रहेगी।
ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को भी लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि लेबर इंसेंटिव स्कीम का लाभ केवल शहरी मजदूरों तक सीमित नहीं रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मजदूर वर्ग को इससे सहारा मिलेगा। खासतौर पर वे परिवार जिनकी महिलाएं खेतों या छोटे उद्योगों में काम करती हैं, उनकी आय में अच्छा इजाफा होगा। इससे गांवों में रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी और महिलाएं बड़े पैमाने पर कामकाज में हिस्सा लेंगी।
Ladli Behna Yojana से महिलाओं को ज्यादा सम्मान
लेबर इंसेंटिव स्कीम केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है। यह मजदूरों और महिलाओं को समाज में और अधिक सम्मान दिलाने की दिशा में कदम है। अक्सर मजदूरों को केवल श्रम के आधार पर देखा जाता है, लेकिन सरकार इस योजना के जरिए यह संदेश देना चाहती है कि मजदूर समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी तरक्की प्रदेश की तरक्की है।
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