Private School Fees Betul : निजी स्कूल अब नहीं कर सकेंगे मनमानी; फीस, पुस्तक और बैग के वजन से लेकर सब कुछ तय, आदेश हुए जारी
Private School Fees Betul: Private schools will no longer be able to do arbitrariness; From the weight of fees, books and bags, everything was decided, orders were issued

Private School Fees Betul : अब निजी स्कूलों में शुल्क, यूनिफॉर्म या पुस्तकों को लेकर पालकों और बच्चों के साथ मनमानी नहीं की जा सकेगी। इस संबंध में बैतूल कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने जिले में विभिन्न मान्यता प्राप्त बोर्ड यथा सीबीएसई, माध्यमिक शिक्षा मण्डल मप्र भोपाल इत्यादि से मान्यता/ सम्बद्धता प्राप्त अशासकीय शालाओं के संचालन, विद्यार्थियों से लिये जाने वाले शुल्क, अन्य संबंधित विषयों के लिए निर्देश जारी किये हैं। उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन नहीं किए जाने पर संबंधित दोषी विद्यालय की नियमानुसार मान्यता समाप्त करने/अनापत्ति वापस किए जाने हेतु कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर श्री बैंस द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि निजी विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यालय प्रवेश प्रारंभ की तिथि एवं प्रक्रिया, विद्यालय में उपयोग में लाई जाने वाली पाठ्य पुस्तकें, स्टेशनरी, पठन सामग्री, बैग, यूनिफॉर्म, स्पोर्टस किट, ट्रासपोर्ट सुविधा, फीस अथवा परोक्ष या अपरोक्ष रूप से संग्रहित की जाने वाली धनराशि का विवरण विद्यालय के नोटिस बोर्ड तथा आधिकारिक वेबसाईट पर प्रदर्शित की जाएगी।
निजी विद्यालय, विद्यालय की विवरण पुस्तिका एवं आवेदन पत्र प्राप्त करने के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी विद्यालय के सूचना पटल एवं आधिकारिक वेबसाईट पर उपलब्ध करायेगा। इस हेतु यदि अभिभावकों द्वारा कोई भुगतान किया जाना अपेक्षित हैं तो स्पष्टत: उल्लेख करेगा।
विद्यालय में पाठ्यपुस्तकों के निर्धारण करते समय सीबीएसई बोर्ड से सम्बद्ध शालाओं के प्रबंधन द्वारा सीबीएसईके परिपत्र दिनांक 18.12.2017 में निहित निर्देशों को ध्यान में रखा जायें, जिसके अंतर्गत विद्यार्थी/पालकों को एनसीईआरटी/सीबीएसई पाठ्य पुस्तकों से इतर पुस्तकें क्रय किये जाने हेतु बाध्य न किया जाये। शाला द्वारा निर्देशित विक्रेताओं या किन्हीं अथवा किसी निश्चित दुकान से पाठ्य पुस्तकें, कॉपी, पेन, पेन्सिल, यूनिफार्म, अन्य शिक्षण सामग्री क्रय करने के लिये बाध्य न किया जाये।
शाला परिसर से शिक्षण सामग्री विक्रय न की जाये। छात्र या अभिभावक इन सामग्रियों को खुले बाजार से क्रय करने के लिए स्वतंत्र होंगे एवं पुस्तकों का पूरा सेट क्रय न कर आवश्यकता अनुसार पुस्तकें क्रय कर सकेंगे। एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 1 से 12 के लिए प्रकाशित पुस्तकें http://epathshala.nic.in/ पर बिना लागत के उपलब्ध हैं, विद्यालय इस सूचना को विद्यार्थी एवं अभिभावकों के साथ साझा करेंगे ताकि, वे इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
सीबीएसई के परिपत्र दिनांक 12.04.2016 में स्पष्ट किया गया है कि, बहुत अधिक पाठ्य पुस्तकों, जो कि शैक्षणिक रूप से अप्रामाणिक हैं, को निर्धारित करना और अभिभावकों एवं बच्चों को उनको खरीदने के लिए बाध्य करना अनुचित व्यवहार है, विशिष्टत: क्योंकि एनसीईआरईटी विषय सामग्री बोर्ड की परीक्षा के प्रश्नों को तैयार करने के लिए आधार हैं और सीबीएसई में प्रश्न पत्र, विषय के निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया जाता है।
इसी प्रकार सीबीएसई परिपत्र के माध्यम से राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रुपरेखा 2005 के आधार पर विभिन्न कक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम निर्धारण करते हुए कक्षावार उपयोग में लाई जाने वाली पाठ्यपुस्तकों की मानक संख्या एवं सूची जारी की गई है। जिसके अनुसार कक्षा 1 एवं 2 के लिये 03, कक्षा 3 एवं 4 के लिये 04, कक्षा 5 के लिये 06, कक्षा 6 एवं 7 के लिये 10, कक्षा 8 के लिये 13, इसी प्रकार कक्षा 9 से 12 के लिये पुस्तकों की सूची जारी की गई है। उक्त के अनुपालन में बच्चों के बस्ते का वजन कम रखने साथ ही प्रामाणिक स्तर की पुस्तकों का चयन किया जाते समय सीबीएसई के परिपत्र में निहित निर्देशों अनुसार निर्धारित समिति के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित किया जाये।
समस्त विद्यालयों के लिए बस्ते के वजन के सम्बन्ध में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी स्कूल बैग पॉलिसी 2020 के प्रावधानों का पालन किया जाये। स्कूल बैग पॉलिसी अनुसार कक्षावार स्कूल बैग के वजन के सम्बन्ध में बच्चे के वजन के 10त्न के मान से स्कूल बैग के वजन की सीमा निर्धारित की गई है, जो निम्नानुसार है-

सीबीएसई के निर्देश अनुक्रम में बाल केन्द्रित शिक्षा के सिद्धातों पर कार्यकलाप आधारित सीखना, बाल विकास को ध्यान में रखते हुए शाला प्रबंधन पुस्तकों एवं अन्य सीखने के साधनों की बहुतायतता, शाला पुस्तकालय के माध्यम से किया जाना चाहिए।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा यूनिफार्म को छोड़कर किसी भी पाठ्य सामग्री पर विद्यालय का नाम उल्लेखित नहीं किया जाएगा। यदि निजी विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यालयीन गणवेश में कोई परिवर्तन किया जाता है तो वह आगामी 03 शैक्षणिक सत्रों तक यथावत लागू रहेंगी। तीन वर्ष की अवधि पश्चात ही गणवेश में परिवर्तन किया जा सकेगा।
प्रत्येक निजी विद्यालय प्रबंधन, प्रतिवर्ष आगामी शैक्षणिक सत्र आरंभ होने के 180 दिवस पूर्व पोर्टल पर निर्धारित जानकारी तथा अभिलेख यथा सामान्य जानकारी में परिवर्तन होने की स्थिति में प्रारूप 1, 2 इत्यादि में जानकारी, आगामी शैक्षणिक सत्र हेतु प्रस्तावित फीस संरचना प्रारूप में प्रविष्ट / अद्यतन करेगा।यदि प्रस्तावित फीस संरचना में वृद्धि, गत शैक्षणिक सत्र की फीस की तुलना में 10 प्रतिशत या कम है तो प्रस्तावित फीस संरचना सत्र प्रारंभ होने के 90 दिवस पूर्व तक पोर्टल पर अपलोड करेंगे। निजी विद्यालयों द्वारा 10 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि विना सक्षम समिति की स्वीकृति के नहीं की जा सकेगी।
विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी प्रावधान तथा स्कूल बस में महिला कंडक्टर/महिला शिक्षिका/महिला स्टाफ की अनिवार्य उपस्थिति, समस्त शैक्षणिक व गेट शैक्षणिक स्टाफ, ड्राइवर, कंडक्टर, माली, चौकीदार, आउट सोर्स पर रखे गए कर्मचारी का चरित्र सत्यापन इत्यादि का अनुपालन आवश्यक रूप से किया जाए।
म.प्र. माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शाला मान्यता नियम 2017 के नियम 18 अंतर्गत विद्यालय के समस्त शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ से उनके विरुद्ध लैंगिक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम 2012 तथा किशोर न्याय अधिनियम 2020 के अंतर्गत कोई मामला दर्ज न होने सम्बन्धी शपथ पत्र लेकर संधारित किया जाएं।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत बच्चों के अधिकारों से जुड़े प्रावधानों में एक महत्वपूर्ण प्रावधान बच्चों को शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न के निषेध से संबंधित है। मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों को शारीरिक दंड दिए जाने को प्रतिबंधित करने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं, इस संबंध में समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन किया जाएं।
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आपातकालीन परिस्थितियों यथा अत्यधिक गर्मी/ वर्षां/ ठंड इत्यादि अन्य तात्कालिक समस्याओं के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले आदेश / निर्देश का अनिवार्यत: पालन किया जाए।
बैतूल जिले के अंतर्गत संचालित सीबीएसई / आईसीएसई / मध्यप्रदेश शासन / माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश भोपाल से सम्बद्ध मान्यता प्राप्त विद्यालयों में उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। निर्देश अपालन की स्थिति में संबंधित दोषी विद्यालय की नियमानुसार मान्यता समाप्त करने/ अनापत्ति वापस किए जाने हेतु कार्यवाही की जाएगी।



