देश/विदेश

मेला मोमेंट्स प्रतियोगिता : मेलों में घूमों, फोटो लों, सोशल मीडिया पर शेयर करों और जीतों लाखों के पुरस्कार

मेला मोमेंट्स प्रतियोगिता : मेलों में घूमों, फोटो लें, सोशल मीडिया पर शेयर करों और जीतों लाखों के पुरस्कार

मेला मोमेंट्स प्रतियोगिता : यदि आप मेला घूमने के शौकीन है और थोड़ी सी फोटोग्राफी भी करना जानते हैं तो आपका यह शौक आपको लाखों के इनाम दिलवा सकता है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय (Ministry of Culture, Government of India) ने ऐसी ही प्रतियोगिता शुरू की है। इसमें 30 लाख रुपए तक के पुरस्कार दिए जाएंगे। यह प्रतियोगिता लगातार चलेगी और विजेताओं की घोषणा हर महीने की जाएगी।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने जुलाई में अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान कहा था, “संस्कृति मंत्रालय द्वारा जल्द ही एक प्रतियोगिता शुरू की जा रही है, जहाँ मेलों में सबसे अच्छी तस्वीरें भेजने वालों को इनाम भी दिया जाएगा। तो फिर देर मत कीजिए, मेलों में घूमिये और तस्वीरें साझा कीजिए, हो सकता है आपको इसका इनाम भी मिल जाए।”

इसी कड़ी में, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘आज़ादी के अमृत ​​महोत्सव’ (Azaadi ka Amrit Mahotsava) के अंतर्गत ‘मेला मोमेंट्स’ प्रतियोगिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया। दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में आयोजित दुर्गोत्सव के दौरान संस्कृति राज्यमंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने इस प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

इस कड़ी में श्रीमती लेखी ने कहा, “एक ओर, भारत में गंगा स्नान जैसे मेले क्षेत्र विशेष की पहचान और मान्यताओं को उजागर करते हैं, तो बैसाखी जैसे मेले अवसरों पर आधारित हैं और यहाँ रामलीला और दशहरे जैसे ऐतिहासिक मेले भी हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “इन मेलों में लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देते हुए, उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं को लेकर अधिक सजग बनाना इस प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य है, विशेष रूप से युवा पीढ़ी को।”

चूंकि, भारत विविधता से भरा देश है। यहाँ अनेक पंथ, सम्प्रदाय और संस्कृति के लोग वास करते हैं और सबकी अपनी भाषा, वेश-भूषा और खान-पान के तौर-तरीके हैं।

इसी कड़ी में, यहाँ के लोग अपनी विविध कला, संस्कृति और परम्परा को प्रदर्शित करने के लिए कई तरह के मेले आयोजित करते हैं। ये मेले देश को एक सूत्र में पिरोने के साथ ही, स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कोलकाता की दुर्गा पूजा इसका एक सर्वोष्कृट उदाहरण है, जिसे गत वर्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों के फलस्वरूप यूनेस्को द्वारा अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की रूप में मान्यता मिली थी। मेले के इन्हीं महत्वों को देखते हुए इस प्रतियोगिता की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य देश में मेलों की लोकप्रियता को एक नया आयाम देना है।

इनाम जीतने के करना होगा यह काम

इस प्रतियोगिता में भागीदारी पेश करने वाले लोगों को अपने आस-पास आयोजित होने वाले मेलों में घूमना होगा और उससे जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए, संस्कृति मंत्रालय को भी अनिवार्य रूप से टैग करना होगा। यह प्रतियोगिता मूलतः 4 श्रेणियों में विभक्त है, जिसमें हर श्रेणी में 3 लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा।

बता दें कि प्रतियोगिता की इनाम राशि ₹30 लाख तक हैं, जिसके अंतर्गत विजेताओं की घोषणा प्रत्येक महीने होगी। इस प्रकार, यह प्रतियोगिता देशवासियों को अपनी संस्कृति और परम्पराओं को बेहतर तरीके से जानने का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ कई आकर्षक इनामों को भी जीतने का बेहतरीन मौका देता है।

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

Related Articles

Back to top button