Panchayat Empowerment in MP: एमपी में सरपंचों को मिलेगी खजाने की चाबी, बढ़ाए जाएंगे पॉवर, सीएम का बड़ा ऐलान
Panchayat Empowerment in MP: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरपंचों को बड़ी सौगात दी है। मध्यप्रदेश में सरपंचों के वित्तीय अधिकारों में भारी इजाफा किया जा रहा है। इस बात की घोषणा आज उन्होंने भोपाल के जंबूरी मैदान में सरपंच संयुक्त मोर्चा सम्मेलन को संबोधित करते हुए की।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि पंचायतों को 25 लाख रुपए तक के निर्माण और विकास कार्य करने की अनुमति दी जा रही है। इसी के साथ उन्होंने घोषणा की कि हर पंचायत प्रतिनिधि को अपने क्षेत्र में तत्काल उपयोग के लिए 50-50 हजार रुपए की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
गांवों की भी बनेगी विकास योजना
डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह नगर निकायों को विकास योजनाएं बनाने और उन्हें लागू करने का अधिकार है, उसी तरह अब पंचायतों में भी ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। गांवों के विकास की योजना वही लोग बेहतर बना सकते हैं, जो वहां रहते हैं और समस्याओं को जानते हैं। इसलिए पंचायत व्यवस्था को और सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

सरपंच बदल सकते हैं गांव की दिशा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था में सरपंचों को पूरी ताकत दी गई है। उनके अनुसार, गांवों का विकास उसी समय संभव है, जब पंचायत प्रतिनिधि सक्रिय होकर योजनाओं को जमीन पर उतारें। उन्होंने कहा कि सरपंच अपने नेतृत्व से अपने गांव की दिशा बदल सकते हैं और सरकार भी इसी उद्देश्य से पंचायतों को मजबूत कर रही है।
डॉ. यादव के मुताबिक, गांवों में चलने वाली हर कल्याणकारी योजना और विकास कार्यक्रम को पंचायतें ही संचालित करती हैं। इसलिए उन्हें अधिक जिम्मेदारी और संसाधन देने की आवश्यकता है।
भोपाल में होगा बड़ा सम्मेलन
उन्होंने बताया कि इसी दिशा में भोपाल में पंचायत प्रतिनिधियों का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। यह 24 से 26 नवंबर के बीच जंबूरी मैदान में आयोजित होगा। मंगलवार को इसी सम्मेलन की तैयारियों के सिलसिले में वे जंबूरी मैदान में सरपंच संयुक्त मोर्चा सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे थे। यहां उनका जोरदार स्वागत किया गया।
दिल्ली विस्फोट की घटना का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दिल्ली में हुए कार विस्फोट की घटना का जिक्र किया और इसे बेहद दुखद बताया। उन्होंने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की नेतृत्व क्षमता पर विश्वास करता है। उनका कहना था कि केंद्र सरकार आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म करने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रही है और देश इन चुनौतियों के खिलाफ मजबूती से लड़ रहा है।
पंचायतों को मुहैया करा रहे जरुरी सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि पंचायतों को बेहतर ढंग से काम करने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सभी तीनों स्तर की पंचायतों के लिए कार्यालय की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही गांवों में सामुदायिक भवन भी बनाए जाएंगे, जहां ग्रामीण कार्यक्रमों और जरूरी बैठकों का आयोजन हो सके।
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इतने भवनों को दी जा चुकी मंजूरी
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में 2472 अटल पंचायत भवन, 1037 सामुदायिक भवन, 106 जनपद पंचायत भवन और 5 जिला पंचायत भवन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इसके अलावा गांवों में शांति धामों की स्थिति सुधारने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। दिसंबर 2026 तक सभी शांति धामों को अतिक्रमण से मुक्त करके वहां बेहतर पहुंच मार्ग, फेंसिंग और पौधरोपण का काम किया जाएगा। उनका कहना था कि सशक्त पंचायत व्यवस्था से ही प्रदेश आत्मनिर्भरता और प्रगति के लक्ष्य को हासिल कर सकता है।
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कृषि आधारित उद्योग वर्ष मनाएंगे
भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने रोजगार और उद्योग से जुड़े विषयों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर काम मिल सके। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2026 को कृषि आधारित उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। इसके लिए खाद्यान्न और कृषि उत्पादों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। पंचायतें भी लघु उद्योग, कुटीर उद्योग और अन्य रोजगारपरक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में भूमिका निभाएंगी।
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युवाओं को जोड़ रहे फूड प्रोसेसिंग से
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए सब्जी और अन्य फसलों के खाद्य प्रसंस्करण की यूनिटें खोली जा रही हैं। युवाओं को उद्यानिकी और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे स्वरोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रयास यही है कि किसानों को उनकी हर फसल का अच्छा दाम मिले और गांव आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
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