MP Tourism: एमपी में पर्यटन सेक्टर देगा हजारों को रोजगार, ग्वालियर कॉन्क्लेव में 3500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
MP Tourism: पर्यटन केवल घूमने-फिरने की गतिविधि नहीं है, बल्कि यह किसी भी राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला क्षेत्र भी है। यही कारण है कि मध्यप्रदेश सरकार ने पर्यटन को अपनी प्राथमिकताओं में शीर्ष स्थान दिया है। इसके साथ ही इस क्षेत्र के विकास और अधिकाधिक लोगों को रोजगार दिलाने के प्रयास भी जारी है।
टूरिज्म से राष्ट्रीय आय बढ़ती है, साथ ही लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं। ग्वालियर में आयोजित रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव ने इस सोच को और मजबूती दी। इस आयोजन में करीब 3500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनके जरिए राज्य में हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और कई जिलों का चेहरा बदल जाएगा।
ग्वालियर में हुआ ऐतिहासिक कॉन्क्लेव
ग्वालियर के राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव में देशभर से उद्योगपति, निवेशक और पर्यटन से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर कहा -मध्यप्रदेश, देश का दिल है। हमारी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती हैं। इन धरोहरों का संरक्षण और प्रचार-प्रसार न केवल हमें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि भारत को भी वैश्विक मंच पर मजबूती देगा।
कितना आया निवेश और किस क्षेत्र में
इस कॉन्क्लेव का सबसे बड़ा आकर्षण रहा पर्यटन क्षेत्र में भारी निवेश। विभिन्न कंपनियों और निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में होटल, रिसॉर्ट, ईको-टूरिज्म यूनिट, और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी लगाने का ऐलान किया।

प्रमुख निवेश प्रस्ताव
- सर्वेल लैंड डेवलपर्स प्रा. लि. (सचिन गुप्ता): 1000 करोड़
- श्रुति इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. (मुकेश अग्रवाल और बाबूलाल जैन): 500 करोड़
- जोन बाय द पार्क (विकास अहलूवालिया): 500 करोड़
- 24 कैरेट डेवलपस: 250 करोड़
- सोनिया लॉजिंग एंड हॉस्पिटैलिटी (अनूप गुप्ता): 200 करोड़
- मॉडर्न ग्रुप ऑफ कंपनीज़: 150 करोड़
- एमपी टूरिज्म बोर्ड फिल्म डिवीजन: 102 करोड़
- सिंगपुर लेकव्यू रिसॉट: 100 करोड़
- लायन ग्रुप: 100 करोड़
कुल मिलाकर, 20 से अधिक निवेशकों ने होटल, रिसॉर्ट और एडवेंचर टूरिज्म में पैसा लगाने का भरोसा जताया है।
कितने लोगों को मिलेगा रोजगार?
सरकार का अनुमान है कि इस निवेश से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष मिलाकर 50 हजार से अधिक रोजगार के अवसर बनेंगे।
- होटल और रिसॉर्ट निर्माण से निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों को काम मिलेगा।
- संचालन शुरू होने पर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में युवाओं को रोजगार मिलेगा।
- ईको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को गाइड, ड्राइवर और अन्य सेवाओं में अवसर मिलेगा।
- स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों को भी अपने उत्पाद बेचने का बड़ा मंच मिलेगा।
किन क्षेत्रों में विकास की सबसे ज्यादा संभावनाएं
- ग्वालियर-चंबल क्षेत्र:
- ऐतिहासिक किले, चौंसठ योगिनी मंदिर और तानसेन की धरोहर से यह क्षेत्र वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
- एयर कनेक्टिविटी और दिल्ली से नजदीकी इसे निवेशकों के लिए और भी आकर्षक बनाती है।
- सागर संभाग:
- प्राकृतिक खूबसूरती और धार्मिक स्थल इस क्षेत्र को आध्यात्मिक टूरिज्म के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
- मुरैना और धार:
- यहां ईको-टूरिज्म और वाइल्डलाइफ टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं।
- हाइड्रोजन प्लांट जैसे औद्योगिक प्रोजेक्ट से भी टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
- विदिशा और मंदसौर:
- विदिशा का ऐतिहासिक महत्व और मंदसौर का गांधीसागर क्षेत्र एडवेंचर व नेचर टूरिज्म के लिए आदर्श है।
शिलान्यास और विकास कार्य
कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री ने कई विकास कार्यों का शिलान्यास किया –
- ग्वालियर के फूलबाग क्षेत्र में 17 करोड़ रुपये के काम
- राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में 58 करोड़ रुपये का बजट
- शिल्पकारों की कला को बढ़ावा देने के लिए Craftgroom ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म
- ग्वालियर किले के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना का विमोचन
निवेशकों के लिए नीतिगत सहयोग
निवेशकों को भरोसा दिलाने के लिए सरकार ने 6 प्रमुख निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट दिए। इन भूमियों पर होटल और रिसॉर्ट बनाए जाएंगे।
- मंदसौर, धार, विदिशा, शाजापुर और बुरहानपुर में ईको-टूरिज्म यूनिट्स आएंगी।
- इससे न केवल 60 करोड़ रुपये का सीधा निवेश होगा, बल्कि हजारों नौकरियां भी पैदा होंगी।
डिजिटल प्रमोशन और प्रचार-प्रसार
पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग और प्रचार के लिए सरकार ने कई बड़ी कंपनियों से अनुबंध किए हैं:
- याप डिजिटल
- क्रायोन्स एडवरटाइजिंग
- जी एंटरटेनमेंट
- कॉन्सेप्ट कम्युनिकेशन्स
इन समझौतों से प्रदेश की धरोहरों और पर्यटन स्थलों को देश-विदेश में पहचान दिलाई जाएगी।
पर्यटन से जुड़ा बड़ा विजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों को पर्यटन क्षेत्र के साथ जोड़ने से स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता और भी मजबूत होगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में पर्यटन से होने वाली आय को दोगुना किया जाएं और मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख पर्यटन निवेश हब बनाया जाए।
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