PM Vishwakarma Yojana Loan: छोटी कमियों पर रिजेक्ट नहीं होंगे पीएम विश्वकर्मा योजना के लोन, बैंकों को सख्त निर्देश
PM Vishwakarma Yojana Loan: मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग केसी गुप्ता ने प्रदेश के सभी बैंकों को सख्त हिदायत दी है कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लंबित ऋण प्रकरणों को तुरंत स्वीकृत किया जाएं। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी कमियों या तकनीकी त्रुटियों के आधार पर किसी भी आवेदन को खारिज करना उचित नहीं है।
यदि किसी प्रकरण को पहले अस्वीकृत किया गया है तो उसकी पुन: जांच की जाए, ताकि वास्तविक हितग्राही योजना का लाभ उठा सकें। बैठक में यह भी तय किया गया कि सेवा पखवाड़ा के अवसर पर 26 और 29 सितंबर 2025 को प्रदेश की सभी बैंक शाखाओं में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
क्या होगा इस विशेष अभियान में
इस अभियान के दौरान प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़े पात्र लाभार्थियों को बुलाकर उनके स्वीकृत ऋणों का वितरण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोगों तक योजना का लाभ समय पर पहुंचे और स्वरोजगार को बढ़ावा मिले।

भोपाल में हुई राज्य स्तरीय बैठक
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की एक विशेष बैठक भोपाल में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग केसी गुप्ता ने की। इस बैठक में प्रदेश के 19 प्रमुख बैंकों के राज्य समन्वयकों ने हिस्सा लिया और अपने-अपने अनुभव साझा किए।
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पेंडिंग लोन आवेदनों के निराकरण पर चर्चा
बैठक के दौरान हाथकरघा एवं हस्तशिल्प आयुक्त मदन विभीषण नागरगोजे, एसएलबीसी कन्वेनर धीरज गोयल, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के डीजीएम प्रमोद मिश्रा और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी सुजीत घोष मौजूद रहे। इसके साथ ही उप संचालक एमके बांगडे, सहायक संचालक संजय श्रीवास्तव, मुनेश गव्हाडे, क्षितिज महेंद और कृति चौधरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। बैठक में लंबित ऋण आवेदनों और उनके शीघ्र निपटान पर विस्तार से चर्चा की गई।

योजना की गति को तेज करने पर जोर
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य परंपरागत हुनर और कारीगरी से जुड़े लोगों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी बैंक शाखाओं में ऋण वितरण की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होनी चाहिए।
आवेदनों की की जाएगी नियमित समीक्षा
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक बैंक को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्वीकृति की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो। यदि किसी प्रकरण को अस्वीकृत किया जाता है तो उसके स्पष्ट कारण बताए जाएं और आवेदक को सुधार का अवसर दिया जाए।
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सेवा पखवाड़ा में व्यापक भागीदारी
26 और 29 सितंबर को होने वाले विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जिलों के प्रशासन और बैंक शाखाओं को सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए गए हैं। इन दिनों अधिक से अधिक लाभार्थियों को बुलाकर ऋण वितरण कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही, बैंकर्स को यह भी कहा गया है कि वे लाभार्थियों को योजना की अन्य सुविधाओं और प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दें।
योजना से मिलेगा आर्थिक सहारा
सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े कारीगरों, बढ़ई, सुनार, लोहार, राजमिस्त्री, दर्जी और अन्य पेशों में कार्यरत लोगों को इससे आर्थिक सहारा मिलेगा। ऋण उपलब्ध होने से वे अपने काम में आधुनिक उपकरण और संसाधन जोड़ सकेंगे, जिससे उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार होगा।
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