Betul Samachar : समस्या लेकर पहुंचे ग्रामीण तो बिजली अफसरों ने ताला लगवा कर खुद को कर लिया कैद
Betul Samachar: When the villagers reached with the problem, the electricity officers imprisoned themselves by locking them.

Betul Samachar : मध्यप्रदेश के बैतूल में बिजली अफसरों के हाल यह है कि वे उपभोक्ताओं से आमने-सामने बात तक करने से डर रहे हैं। लोग जब अपनी समस्या लेकर पहुंच रहे हैं तो दफ्तर का ताला लगाकर वे खुद को पहले ही सुरक्षित कर ले रहे हैं। यह हालात भी तब है जब बैतूल जिला बेहद शांतिप्रिय है और यहां बिजली कंपनी के अमले को शायद ही कहीं अप्रिय परिस्थितियों से दो-चार होना पड़ता है।
गुरुवार को ऐसी ही परिस्थति बैतूल स्थित बिजली कंपनी के महाप्रबंधक कार्यालय में बनी। यहां जनपद सदस्य अकलेश वाघमारे के नेतृत्व में दनोरा गांव के ग्रामीण अपनी बिजली संबंधी समस्या लेकर पहुंचे थे। ग्रामीण पहुंचे तो अफसरों ने सामने आकर उनकी पूरी बात सुनने के बजाय दफ्तर का ताला लगवा दिया। उसके बाद चैनल गेट के पीछे खड़े होकर ग्रामीणों की समस्या सुनी और ज्ञापन लिया। अफसरों के इस रवैये से ग्रामीण बेहद आश्चर्यचकित नजर आए। उन्हें यही बात समझ नहीं आ रही थी कि आखिर अधिकारियों को ऐसा करने की जरुरत क्यों पड़ी।
जनपद सदस्य अकलेश वाघमारे और सरपंच अनिता चौहान के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने सौंपे ज्ञापन में बताया है कि ग्राम दनोरा की घरेलू लाइन में 12 फरवरी 2023 से लो वोल्टेज की समस्या है। यही नहीं कभी-कभी एक दम से बिजली बहुत हाई वोल्टेज से आती है। दोनों ही कारणों से गांव के लोगों के फ्रीज, टीवी सहित अन्य बिजली से चलने वाले उपकरण जल (उड़) गये हैं।
इस संबंध में कई बार लाईनमैन एवं अन्य कर्मचारी व अधिकारियों से फोन पर एवं व्यक्तिगत शिकायत की गई है। यही नहीं बिजली कंपनी के खेड़ी सांवलीगढ़ वितरण केंद्र में जाकर भी उक्त जानकारी से अवगत कराया गया है। इसके बावजूद आज दिनांक तक हमारे गांव की घरेलू लाइन सुधारी नहीं गई है।
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गांव की घरेलू लाइन खराब होने के कारण ग्रामवासियों को अंधेरे में लगभग एक महीने से रहना पड़ रहा है। साथ ही भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अभी बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं। इसके बावजूद वे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हमारे गांव की लाइन अतिशीघ्र नहीं सुधारी जाती है तो वे बैतूल-इंदौर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम करने के लिये मजबूर होंगे।



