Famous Hanuman Temple Hivra: देवस्थान हिवरा में स्वयं प्रकट हुए थे महावीर हनुमान जी, यहां सरकारी अभिलेख में उनके नाम भूमि भी दर्ज
Famous Hanuman Temple Hivra: Mahavir Hanuman ji himself appeared in Devasthan Hivra, here his name land is also recorded in government records

Famous Hanuman Temple Hivra (बैतूल)। श्री महावीर हनुमान जी देवस्थान माँ भवानीधाम हिवरा मंदिर का आर्कियोलॉजीकल सर्वे करवाकर नियमानुसार कार्यवाही करने की अनुशंसा मध्यप्रदेश सरकार की संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व विभाग की अतिसंवेदनशील मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने की है। उन्होंने श्री क्षेत्र महावीर हनुमान जी देवस्थान, माँ हिवरा भवानी मंदिर जीर्णोद्धार एवं शतचंडी महायज्ञ आयोजन समिति के प्रतिनिधियों से दो टूक शब्दों में कहा कि हिवराधाम में आयोजित किये जाने वाले शतचंडी महायज्ञ में किसी भी प्रकार की कहीं कोई बाधा नहीं आएगी। वे इसके लिए जिलाधिकारी बैतूल एवं संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से त्वरित चर्चा कर निर्देशित भी करेंगी।
गौरतलब है कि यह श्री क्षेत्र पुरातन समय के महावीर छत्रपति शिवाजी महाराज के कार्यकाल का जागृत, रेखांकित एवं चिन्हित महावीर (हनुमान) देवस्थान है। जहाँ पंचतत्व, देवी-देवता एवं समस्तगण श्री भैरवनाथ, श्री महागणपति, श्री नंदी सहित महावीर (हनुमानजी) , माँ भवानी, माता महासरस्वती, माता महालक्ष्मी, भगवान भोलेनाथ-माता पार्वती इस विद्यमान हैं।

ऐतिहासिक-वैश्विक धरोहर सहेजना हमारा परम् कर्तव्य: सुश्री उषा ठाकुर
मध्यप्रदेश सरकार की धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व विभाग की अति संवेदनशील मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने कहा कि ऐसी पुरातन-सनातन कालीन ऐतिहासिक-वैश्विक धरोहर सहेजना हमारा परम् कर्तव्य है। जिस तरह यह देव स्थान 5 सदियों पुराना दस्तावेज के आधार पर प्रतीत हो रहा है, हम इसके जीर्णोद्धार एवं उत्थान के लिए कटिबद्ध हैं और इसमें हमारे विभाग से हर सम्भव सहायता नियम अनुसार की जावेगी। वहीं उन्होंने समिति के सदस्यों से कहा कि वे ऐसे धार्मिक और अलौकिक कार्यों के लिए सदैव तत्पर रहती हैं। ऐसे विषयों पर कोई भी कभी भी उनसे सीधे सम्पर्क कर सकता है।
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अयोध्या में प्रभु श्रीरामजी पधारे तो हिवरा में महावीर हनुमान जी आ गये
शतचंडी महायज्ञ आयोजन एवं मंदिर जीर्णोद्धार समिति के द्वारा प्रदत्त दस्तावेजों का अवलोकन कर मध्यप्रदेश सरकार की धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की मंत्री सुश्री ठाकुर ने कहा कि यह श्री क्षेत्र महावीर (हनुमान) देवस्थान के सन 1667-69 के छत्रपति वीर शिवाजी महाराज द्वारा कराये गये सर्वे के अनुसार विगत लगभग 500 वर्ष पूर्व के समय से महावीर हनुमान जी के नाम से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि जिस तरह अयोध्या में भगवान प्रभु श्रीरामजी का शुभ आगमन हुआ है, वैसे ही बैतूल के हिवरा गाँव में भगवान महावीर हनुमान जी का पदार्पण हुआ है। जिसे हम व्यवस्थित करके सहेजने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखेंगे।

दस्तावेजों का अवलोकन कर दिया आश्वासन
श्री महावीर हनुमान ज़ी देवस्थान हिवराधाम माँ भवानी मंदिर के सन 1919-20 एवम 1946-47 तथा 1973-74 के नक्शे और मिशलशीट का अवलोकन कर उन्होंने कहा कि यह मंदिर सार्वजनिक स्थल होकर स्वयं-भू भगवान महावीर हनुमान जी के नाम से इसकी भूमि शासकीय भू-अभिलेख में दर्ज होने से वैसे ही न्यास की श्रेणी में आता है।
जिसमें संबंधित विभाग से त्वरित जाँच करवाकर नियमानुसार उचित कार्यवाही अविलम्ब सुनिश्चित कराई जावेगी। मध्यप्रदेश सरकार की धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व विभाग की मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने कहा कि यह पावन स्थान दस्तावेज के अनुसार जब देवअखाड़ा है तो इसे अनावश्यक रूप से राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए।
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स्वयं-भू न्यास की श्रेणी के लिए क्या है आवश्यक (Famous Hanuman Temple Hivra)
मंत्री सुश्री ठाकुर ने श्री महावीर हनुमान देवस्थान के 1919-20 के नक्शे और मिशलशीट तथा भारत सरकार के न्यास नियमों का अवलोकन कर कहा कि सन 1919-20 के केंद्रीय सरकार के गजट नोटिफिकेशन एवं न्यास के नियमानुसार उक्त स्थल स्वयं ही न्यास की श्रेणी में आता है, चूंकि यह स्थान सनातन काल की कहानी स्वयं कह रहा है।
जिसमें स्पष्ट रूप से तीन मंदिर, एक बावली और सार्वजनिक स्थल दर्ज दिखाई दे रहा है। वहीं इस सार्थक पहल से बैतूल जिले सहित माँ ताप्ती के गौरव में भी चार चाँद लग जावेंगे जो कि हमारे लिये परम सौभाग्य का विषय है। इसके लिए हमारे विभाग द्वारा अतिशीघ्र ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी।



