Smuggling : दिनदहाड़े हो रही थी गोवंश की तस्करी, रस्सियों से बंधे हुए थे पैर, राष्ट्रीय हिन्दू सेना के पदाधिकारियों ने पकड़ा

राष्ट्रीय हिन्दू सेना के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को ग्राम मलाजपुर में सुबह 9 बजे गोवंश को ठूंस-ठूंस कर महाराष्ट्र कत्लखाने ले जा रही बोलेरो गाड़ी को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। इस वाहन में 7 गोवंश को क्रूरतापूर्वक भरे हुए थे। गोवंश के पांव इस तरह से बांध कर रखे थे कि वे हिल डुल तक नहीं पा रहे थे।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय और युवा सेना जिला महामंत्री अमित यादव ने बताया कि यह गाड़ी महाराष्ट्र की है। जिसका नाम MH-26/V-6404 है। वाहन के कांच ब्लैक गोल्डन कलर के हैं। गो तस्करों ने गाड़ी पहचान ना हो पाए इसलिए अदर से गाड़ी में जाली लगाकर रखी हुए हैं। आए दिन बैतूल जिले के क्षेत्रों में गोवंश से भरी गाड़ी पकड़ाने का सिलसिला जारी है परंतु ठोस कार्यवाही नहीं होने के कारण गाड़ी छूट जाती है।
चिचोली तहसील अध्यक्ष संतोष यादव ने बताया कि चिचोली टीआई अजय सोनी को सूचना कर मौके पर बुलाया गया और गोवंश को पुलिस की मदद से सिपलई गोशाला पहुंचाया गया। गोवंश से भरी गाड़ी को पुलिस को सौंपा गया। गाड़ी को पकड़ने से अहम भूमिका वरिष्ठ सहयोगी शिवा यादव, राजेश विश्वकर्मा, कमलेश यादव, मयूर यादव, आशीष आर्य, माना सरपंच ने निभाई।
आखिर पुलिस को क्यों नहीं मिलती सूचना
वैसे जिले से होने वाली गोवंश तस्करी का खास पहलू यह है कि इसकी सूचना हिन्दू संगठनों को ही मिलती है और वे ही यह वाहन पकड़ते हैं या फिर कोई हादसा होने पर तस्करी का खुलासा होता है। अधिकांश मामलों में पुलिस को ना कभी कोई सूचना मिलती है और ना पुलिस अपनी ओर से खुद कभी यह वाहन पकड़ती नजर आती है। जानकार लोग इस पर भी बड़ा आश्चर्य जताते हैं कि आखिर पुलिस को इस बारे में सूचना क्यों नहीं मिलती है।



