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PM Awas Yojana: हर परिवार को पक्का घर बनाने मिलेंगे 1.20 लाख, ऐसे करें आवेदन

PM Awas Yojana: भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना आज देश की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य है कि देश का कोई भी परिवार बिना पक्के घर के न रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत वर्ष 2015 में की थी और तब से अब तक लाखों परिवारों को इसका लाभ मिल चुका है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के गरीब तथा मध्यम आय वर्ग के परिवारों को इस योजना के जरिए पक्का घर उपलब्ध कराया जा रहा है।

PM Awas Yojana का क्या है उद्देश्य

देश में आज भी बड़ी संख्या में परिवार ऐसे हैं जो कच्चे घरों या झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। प्राकृतिक आपदाओं, बरसात और अन्य समस्याओं के कारण इन घरों में रहने वालों की जिंदगी असुरक्षित रहती है। ऐसे हालात को देखते हुए सरकार ने तय किया कि हर गरीब परिवार को एक मजबूत और सुरक्षित छत दी जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी सोच का परिणाम है।

PM Awas Yojana में ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्र शामिल

यह योजना दो हिस्सों में लागू की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) और प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U)। ग्रामीण इलाकों में इसका फोकस उन परिवारों पर है जिनके पास बिल्कुल भी पक्का मकान नहीं है। उन्हें नया घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं शहरी क्षेत्रों में कमजोर आय वर्ग, निम्न आय वर्ग और मध्यम आय वर्ग के लिए अलग-अलग श्रेणियों में लाभ तय किए गए हैं।

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PM Awas Yojana में निर्माण की लागत

ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिलती है। समतल इलाकों में 1.20 लाख रुपये की राशि दी जाती है, जबकि पहाड़ी और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में यह राशि बढ़कर 1.30 लाख रुपये तक हो जाती है। इसके साथ ही लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए अलग से धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। शहरी क्षेत्रों में घर की लागत और सब्सिडी की राशि अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से तय की जाती है।

PM Awas Yojana की पात्रता और चयन की प्रक्रिया

ग्रामीण इलाकों में पात्र परिवारों का चयन सामाजिक-आर्थिक जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जाता है। इसके बाद ग्राम सभा में लाभार्थियों की सूची का सत्यापन किया जाता है। केवल उन्हीं परिवारों को लाभ मिलता है जिनके पास पहले से कोई पक्का घर नहीं है। शहरी क्षेत्रों में पात्रता परिवार की सालाना आय और श्रेणी के आधार पर तय की जाती है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों की आय तीन लाख रुपये तक, निम्न आय वर्ग की आय छह लाख रुपये तक और मध्यम आय वर्ग के लिए आय सीमा बारह लाख रुपये से अठारह लाख रुपये तक रखी गई है।

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PM Awas Yojana के लिए आवेदन की प्रक्रिया

  • ग्रामीण इलाकों में योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक परिवार को ग्राम पंचायत या ब्लॉक विकास कार्यालय से संपर्क करना होता है।
  • आवेदक को आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और एक शपथ पत्र देना पड़ता है जिसमें यह स्पष्ट हो कि उसके पास पक्का घर नहीं है।
  • शहरी क्षेत्रों में आवेदन की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है।
  • pmaymis.gov.in पोर्टल पर जाकर कोई भी पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकता है।
  • आवेदन के बाद दस्तावेजों का सत्यापन और फील्ड सर्वे किया जाता है।
  • मंजूरी मिलने के बाद किस्तों में धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंच जाती है।

PM Awas Yojana से जुड़े अतिरिक्त लाभ

यह योजना केवल घर बनाने तक सीमित नहीं है। इसके साथ कई अन्य सुविधाएं भी जुड़ी हुई हैं।

  • प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत 90 से 95 दिन का रोजगार भी उपलब्ध कराया जाता है।
  • स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए भी सहायता दी जाती है।
  • इसके अलावा उज्ज्वला योजना के माध्यम से एलपीजी कनेक्शन और विद्युतीकरण योजनाओं का लाभ भी जुड़ता है।

PM Awas Yojana का सामाजिक असर

प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों परिवारों की जिंदगी बदल दी है। पक्का घर मिलने से सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि परिवार प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की मार से सुरक्षित हो गए हैं। पहले जिन परिवारों को बरसात में टपकती छत या तूफान में गिरने वाली झोपड़ी का डर सताता था, अब वे चैन से रह पा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए स्थिर माहौल मिला है और महिलाओं को भी सुरक्षा का एहसास हुआ है।

PM Awas Yojana ने लाए यह बदलाव

गांवों में इस योजना ने एक बड़ा बदलाव लाया है। अब गांवों में कच्चे घरों की जगह पक्के घर नजर आने लगे हैं। इससे ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदल रही है। रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं क्योंकि घर निर्माण के लिए स्थानीय मजदूरों और संसाधनों का इस्तेमाल होता है। इस तरह यह योजना केवल मकान ही नहीं देती बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती है।

PM Awas Yojana का शहरी क्षेत्रों पर असर

शहरी क्षेत्रों में भी इस योजना का प्रभाव साफ दिखाई देता है। पहले जिन परिवारों के पास किराए के छोटे-छोटे कमरे हुआ करते थे, अब उन्हें अपना घर मिलने का मौका मिला है। इससे उन्हें स्थायी ठिकाना मिला और आर्थिक बोझ भी कम हुआ। खासकर मध्यम आय वर्ग के परिवारों को ब्याज सब्सिडी से बहुत राहत मिली है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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