Complaint : कड़े परिश्रम से तैयार की गन्ना बाड़ी पर मिल तक नहीं ले जा पा रहा वृद्ध किसान, सूख रही फसल, मदद की लगाई गुहार

बैतूल। जिला मुख्यालय से सटे ग्राम बडोरा का बुजुर्ग किसान गन्ने की फसल बेचने के लिए काफी परेशान है। फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। जिससे किसान के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। कड़े परिश्रम से तैयार गन्ना की बाड़ी को अपने ही सामने सूखते देखने वह विवश है।
दरअसल, रास्ते के विवाद में बुजुर्ग किसान फसल को गन्ना मिल तक नहीं ले जा पा रहा है। पड़ोसी किसान द्वारा रास्ता रोकने और धमकाने के चलते किसान काफी सहमा हुआ है। मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक एवं सीएम हेल्पलाइन पर करने के बावजूद बुजुर्ग को अब तक मदद मुहैया नहीं हो पाई है। मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है।

इस मामले में शनिवार को किसान राधेश्याम पिता बिरजू मासोदकर ने फसल ले जाने के लिए रास्ता सुचारू करने की मांग की है। 76 वर्षीय बुजुर्ग किसान बिरजू ने बताया कि पड़ोस के 2 किसानों द्वारा खेत के रास्ते से फसल ले जाने के नाम पर उन्हें धमकाया जा रहा है। उनके खेत में 2 एकड़ में गन्नाबाड़ी लगी हुई है। वह इस फसल को गन्ना मिल को बेचना चाहता है।
सिविल न्यायालय में विचाराधीन है मामला
किसान ने बताया कि रास्ते के लिये सिविल न्यायालय में प्रकरण चल रहा है। अनावेदक कोर्ट से प्रकरण वापस लेने का दवाब बना रहा है, जाति सूचक गालियां देकर मारने की धमकी दे रहा है। प्रकरण अपील वर्तमान में विचाराधीन है। शिकायतकर्ता किसान का कहना है कि पूर्वजों के समय से उनका इसी रास्ते से आना जाना है। आज तक कभी कोई समस्या नहीं आई, लेकिन अब अनावेदक विवाद उत्पन्न कर रहा है। जिसके चलते उनकी फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है।
सुखाचार नियम के तहत नहीं रोक सकते रास्ता
किसान ने बताया कि खसरा नंबर 16 गौरीशंकर मंदिर के नाम से अभिलेख में दर्ज है। बाजिवुल अर्ज रिकॉर्ड के अनुसार उक्त खसरा नंबर में पगडंडी रास्ता आने जाने के लिए दर्ज है। वहीं सुखाचार नियम के तहत कृषक एक-दूसरे के खेत में कृषि कार्य के लिये आना-जाना कर सकता है। किसान कृषि कार्य के लिए रास्ता नहीं रोक सकता है। आवेदक का यह कहना भी है कि वह अपनी पत्नी के साथ खेत में मकान बनाकर निवास कर रहा है। भविष्य में किसी भी प्रकार से कोई अनहोनी होती है या घटना घटती है तो उसकी जिम्मेदारी अनावेदकों की रहेगी।



