Bank Strike January: जनवरी के अंत में बैंकिंग सेवाएं होंगी ठप? हड़ताल और छुट्टियों से 4 दिन बंद रह सकते हैं बैंक
Bank Strike January: अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो देर करना परेशानी का कारण बन सकता है। महीने के अंतिम सप्ताह में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल की चेतावनी और पहले से तय छुट्टियों के चलते आम लोगों को नकद लेनदेन, चेक क्लियरेंस और शाखाओं से जुड़े कामों में दिक्कत आ सकती है।
क्यों दी गई हड़ताल की चेतावनी
देशभर के बैंक कर्मचारियों की यूनियनों के साझा मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियनों का कहना है कि वे लंबे समय से बैंकों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा रहा है। इसी नाराजगी के चलते 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की गई है।
सरकारी बैंकों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
अगर हड़ताल होती है, तो इसका सबसे अधिक असर सरकारी बैंकों के कामकाज पर पड़ने की संभावना है। निजी बैंकों में सेवाएं आंशिक रूप से चल सकती हैं, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शाखाएं बंद रहने से ग्राहकों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। नकद निकासी, जमा, ड्राफ्ट, चेक क्लियरेंस जैसे काम रुक सकते हैं।
पहले से तय छुट्टियों से बढ़ी चिंता
इस बार हड़ताल का समय ऐसा है कि इसके साथ लगातार छुट्टियां भी जुड़ गई हैं। 24 जनवरी को महीने का चौथा शनिवार है, जिस वजह से बैंक पहले ही बंद रहेंगे। इसके बाद 25 जनवरी को रविवार की साप्ताहिक छुट्टी है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के कारण सभी बैंकों में अवकाश रहेगा। ऐसे में अगर 27 जनवरी को हड़ताल होती है, तो बैंकिंग सेवाएं लगातार चार दिनों तक ठप रह सकती हैं। इस स्थिति में बैंक 23 जनवरी के बाद सीधे 28 जनवरी को खुलेंगे।
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अभी क्या है बैंकों में व्यवस्था
फिलहाल देश में बैंकों में रविवार के अलावा हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है। बाकी शनिवारों को बैंक खुले रहते हैं। हालांकि बैंक कर्मचारियों की मांग है कि सभी शनिवारों को छुट्टी दी जाए और बैंकों में भी पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जाए।
पहले बनी थी इसे लेकर सहमति
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मार्च 2024 में वेतन संशोधन समझौते के दौरान इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच इस बात पर सहमति बनी थी कि बाकी दो शनिवारों को भी अवकाश घोषित किया जाएगा। यूनियनों का आरोप है कि समझौते के बावजूद इस फैसले को अब तक लागू नहीं किया गया है। इसी कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
आम लोगों पर असर को लेकर यूनियन का दावा
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस का कहना है कि पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू होने से आम ग्राहकों को नुकसान नहीं होगा। यूनियन के अनुसार उन्होंने सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर सहमति दी है, जिससे कुल कार्य समय में कोई कमी नहीं आएगी। उनका तर्क है कि रिजर्व बैंक, एलआईसी और जीआईसी जैसी संस्थाएं पहले से ही पांच दिन काम करती हैं।
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अन्य क्षेत्रों का दिया जा रहा उदाहरण
यूनियन ने यह भी बताया है कि विदेशी मुद्रा बाजार, मनी मार्केट और शेयर बाजार शनिवार को बंद रहते हैं। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार के अधिकतर दफ्तरों में भी शनिवार को कामकाज नहीं होता। ऐसे में बैंक कर्मचारियों की यह मांग अनुचित नहीं है।
हड़ताल के चलते यह करें ग्राहक
संभावित हड़ताल और छुट्टियों को देखते हुए ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लें। नकद जरूरत, चेक जमा करना, ड्राफ्ट बनवाना या अन्य शाखा से जुड़े काम समय रहते पूरे कर लेना बेहतर रहेगा, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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