अनूठी पहल : ‘ओ री चिरिया, आना तू अंगना में’ अभियान का आगाज, अब पक्षियों को नहीं होना होगा पानी के लिए परेशान

पंडित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय आमला प्रांगण में ‘ओ री चिरिया आना तू अंगना में’ मेरे कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार रिशु नायडू ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि जैव विविधता और बदलते बिगड़ते पर्यावरण संतुलन के कारण आज पक्षी हमसे दूर हो रहे हैं। घर में चिड़ियों की चहचहाहट पक्षियों का कलरव सुनाई नहीं देता है। पक्षियों का संगीत हमें आनंद और आत्मिक शांति देता है। हमें प्रकृति के नजदीक जाना होगा। पशु पक्षियों की सेवा और मदद करनी होगी। यह हमारी जिम्मेदारी भी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ वृंदावन से पधारे पंडित नितिन शर्मा राहुल एवं नरेंद्र जी ने ऋग्वेद की ऋचाओं का उद्घोष कर और मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर किया। मुख्य अतिथि मनोज मालवे, संजय शुक्ला, रिशु नायडू, डिप्टी कलेक्टर भोपाल निशा बांगरे ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि मनोज मालवे ने जवाहरलाल महाविद्यालय परिवार की ओर से पक्षियों के लिए 101 और पेयजल पात्र लगाने की घोषणा की तथा विद्यार्थियों से आग्रह किया कि गांव में और शहर में पक्षियों के लिए दाना-पानी के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाएं। अतिथि संजय शुक्ला ने ताप्ती दर्शन समाचार पत्र में प्रतिदिन पक्षियों के पेयजल दाना-पानी के लिए सेल्फी अभियान एवं कॉलम चलाने एवं जागरूकता अभियान में सहयोग करने की बात कही।
विशेष अतिथि श्रीमती बांगरे ने कहा कि शासन स्तर पर भी इस दिशा में कार्य किए जाएंगे। आमला के पर्यावरण मित्र राजेंद्र उपाध्याय ने जो एक पहल पहल की है, वह पूरे प्रदेश में जागरूकता अभियान में मददगार साबित होगी। इसके पूर्व भी पशुओं के लिए 101 वॉटर टैंक रखे गए थे। वह भी सराहनीय कार्य था।

डॉक्टर बीपी चौरिया ने कहा कि पक्षी पर्यावरण संतुलन के लिए बहुत आवश्यक है। आज आप देख रहे हैं कि चिड़िया, कौवा, कबूतर, मिट्ठू व अन्य पक्षियों की तादाद तेजी से घट रही है। यह पक्षी छोटे-मोटे कीटाणुओं, कीड़े, मकोड़ों को खाकर हमें बीमारियों से बचाते हैं। इसलिए इनकी देखभाल बहुत जरूरी है।
श्री उपाध्याय ने बताया कि 131 पक्षियों के लिए पेयजल पात्र की शुरुआत करने में यातायात थाना प्रभारी विजय राव माहोरे, विजय अतुलकर, दिनेश सोनी, अशोक पाल, विवेक शुक्ला आदि दानदाताओं ने सहयोग किया। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि अपने स्तर पर सभी अपने-अपने घर में पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें और इस पुनीत कार्य में सहयोग करें।

इस जागरूकता कार्यक्रम में मनोज वाधवा, देवेंद्र सिंह राजपूत, मनोज विश्वकर्मा, जितेंद्र शर्मा, किशोर शर्मा, मोहन दीवान, सतीश देशमुख, राजू हारोड़े, मधुकर महाजन, यशवंत चढोकर, राकेश बामने, अनिल सोनी, बबलू मांधाता, पर्यावरण मित्र महावीर हनुमान गौशाला के सहयोगी, महाविद्यालय परिवार और बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन मुकुंदराव ठाकरे ने किया। आभार प्रदर्शन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ केशव आनंद साहू ने किया।



