MP Weather Update: मौसम में फिर आया बड़ा बदलाव, अगले 4 दिनों को लेकर IMD ने दी यह चेतावनी
MP Weather Update: मध्यप्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव आया है। गुरुवार को तो कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट था, लेकिन मौसम विभाग ने अब साफ कहा है कि अगले 4 दिनों तक प्रदेश में कहीं भी तेज या भारी बारिश नहीं होगी। हालांकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों सहित कई जिलों में हल्की बारिश की स्थिति बनी रहेगी।
मध्यप्रदेश में मानसून का दौर अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। लेकिन, अभी यह पूरी तरह से बिदा नहीं होगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 15 से 16 सितंबर के बीच नया सिस्टम सक्रिय होने पर प्रदेश में एक बार फिर तेज बारिश देखने को मिल सकती है। फिलहाल अगले 4 दिन कहीं-कहीं केवल हल्की बारिश भर हो सकती है।

प्रदेश से काफी दूर मानसूनी सिस्टम
वर्तमान समय में जो भी मानसूनी तंत्र सक्रिय हैं, वे मध्यप्रदेश से काफी दूरी पर बने हुए हैं। यही वजह है कि प्रदेश में तेज वर्षा नहीं हो रही। मौसम विभाग का मानना है कि 15 और 16 सितंबर के बाद सिस्टम करीब आएंगे और तब दोबारा बारिश की गतिविधियां तेज हो जाएंगी।

बनेगा नया सिस्टम, होगी झमाझम
मौसम विभाग का कहना है कि 15 और 16 सितंबर के आसपास नया सिस्टम बनने से बारिश का सिलसिला फिर शुरू होगा। इस दौरान कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। फिलहाल प्रदेश में हल्की बारिश ही होती रहेगी, जो मौसम को सुहावना बनाए रखेगी।
औसत से ज्यादा हो चुकी बारिश
इस साल मानसून ने 16 जून को मध्यप्रदेश में दस्तक दी थी। तब से लेकर अब तक औसतन 41.6 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 34.2 इंच पानी गिरना है। इस तरह अब तक लगभग 7.4 इंच अधिक वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37 इंच मानी जाती है और यह आंकड़ा पिछले हफ्ते ही पूरा हो गया। यानी, इस बार 4.6 इंच अतिरिक्त वर्षा हो चुकी है।

प्रदेश के 30 जिलों में सामान्य से अधिक
प्रदेश के 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया जैसे जिलों ने बारिश के मामले में कोटा पार कर लिया है। इनमें श्योपुर का हाल सबसे अलग है, जहां अब तक सामान्य से 213 प्रतिशत ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है।
मालवा-निमाड़ की यह है स्थिति
इंदौर और उज्जैन संभाग का हिस्सा रहे मालवा-निमाड़ में बारिश का प्रदर्शन कमजोर रहा। यहां के 15 जिलों में से पांच जिले ऐसे हैं जहां बारिश का स्तर 27 इंच से भी नीचे है। खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, शाजापुर और बड़वानी में पानी की कमी साफ दिखाई दे रही है। इस क्षेत्र में किसान भी बारिश की कमी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
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इन जिलों पर सबसे ज्यादा मेहरबानी
मानसून की सबसे ज्यादा मेहरबानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग पर रही। यहां के कई जिलों में लगातार तेज बारिश हुई और कई स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति भी बन गई। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़ और उमरिया जैसे जिलों में पानी का स्तर काफी बढ़ गया। वहीं ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी आठ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।
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सबसे ज्यादा और सबसे कम बारिश वाले जिले
यदि सबसे अधिक बारिश की बात करें तो गुना जिले ने इस बार बाजी मारी है। यहां अब तक 65 इंच से ज्यादा पानी बरस चुका है। इसके बाद मंडला 57 इंच और श्योपुर 56.3 इंच के साथ दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। शिवपुरी में 54.3 इंच और अशोकनगर में 54.1 इंच बारिश दर्ज की गई। दूसरी ओर सबसे कम बारिश खरगोन जिले में हुई, जहां अब तक केवल 25.7 इंच पानी गिरा है। बुरहानपुर में 25.9 इंच, खंडवा और शाजापुर में 26.8 इंच, जबकि बड़वानी में 26.9 इंच वर्षा दर्ज की गई है।
नर्मदापुरम का हर जिला है प्यासा
दिलचस्प बात यह है कि नर्मदापुरम संभाग के किसी भी जिले में अब तक बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ। यहां सामान्य बारिश की तुलना में कम पानी गिरा है। यह क्षेत्र प्रदेश के उन इलाकों में शामिल है जहां मॉनसून का असर कमजोर रहा।
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