एक साथ प्रज्ज्वलित हुए सैकड़ों दीप, जगमगा उठा महायज्ञ स्थल
बैतूल के प्रभातपट्टन ब्लॉक के ग्राम साईखेड़ा खुर्द में गायत्री परिवार द्वारा सभी ग्रामवासियों के सहयोग से तीन दिवसीय प्रज्ञा पुराण का समापन किया गया। प्रज्ञावाचक दीक्षा धोटे ने कथा में सत्संग की परिभाषा देते हुए विस्तार से बताया कि मानव को अगर श्रेष्ठ पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होगी तो वो भगवान की कथा सुनने और समझने के बाद जीवन में उतारने से होगी।

कथा में दान देने की परंपरा को अपने जीवन की अच्छी पहल बताई। साथ ही सही संगतीकरण को अपने जीवन में अपनाने की बात कही। गायत्री परिवार के दुर्गेश कुमार भोयरे ने बताया कि रात्रिकालीन बेला में विशाल दीप जलाकर दीप महायज्ञ का भव्य संगीतमय आयोजन किया गया।
वायगांव से आए बाल संस्कार शाला के बच्चों ने पहुंचकर वहां दीप महायज्ञ का संगीतमय आयोजन सम्पन्न कराया और लोगों को संदेश देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से सभी लोग प्रेरणा लेकर गांव-गांव, घर-घर गुरुदेव के विचारों और भावनाओं को पहुंचा सके।
कार्यक्रम में गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुभाष कुम्भारे के मार्गदर्शन में बच्चों को मंचीय प्रशिक्षण देने हेतु यह कार्यक्रम जगह-जगह किए जाएंगे ताकि बच्चे बड़े मंच से कार्यक्रम सम्पन्न करा सके। समापन अवसर पर गायत्री परिवार के श्रावण धोटे, दुर्गेश भोयरे, सुधाकर पान्से, सुखदेव पान्से, कुण्डलिक साद ने विशेष सहयोग प्रदान किया।



