मध्यप्रदेश अपडेट

Cold wave alert Madhya Pradesh: एमपी में शीतलहर का कहर, आज 23 जिलों में अलर्ट, स्कूलों का समय बदला

Cold wave alert Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश के अधिकांश जिले इन दिनों कड़ाके की ठंड की गिरफ्त में हैं। कहीं शीतलहर चल रही है तो कहीं ठिठुरन वाली ठंड ने हालत खराब कर रखे हैं। प्रदेश के कई जिलों में बच्चों को राहत देने के लिए स्कूलों का समय भी बदला गया है। देवास जिले में भी स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है।

मध्यप्रदेश में बीते कई दिनों से शीतलहर का दौर चल रहा है। मौसम केंद्र भोपाल ने बुधवार 12 नवंबर को भी प्रदेश के 23 जिलों में शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। इनमें राजगढ़, भोपाल, इंदौर, छतरपुर, पन्ना, सतना, शहडोल और जबलपुर जिलों में तीव्र शीतलहर चलने का अलर्ट है। वहीं उज्जैन, शाजापुर, देवास, सिहोर, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, कटनी, उमरिया, मैहर, सीधी, मऊगंज, रीवा, टीकमगढ़ और निवाड़ी में शीतलहर चलने का अलर्ट है।

Cold wave alert Madhya Pradesh: एमपी में शीतलहर का कहर, आज 23 जिलों में अलर्ट, स्कूलों का समय बदला

गुरुवार को इन जिलों में चलेगी शीतलहर

इसके बाद गुरुवार को भी कई जिलों में शीतलहर चलने का अलर्ट है। इनमें उज्जैन, इंदौर, देवास, सिहोर, शाजापुर, राजगढ़, भोपाल, बालाघाट, जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, मैहर, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, दतिया, ग्वालियर, भिंड शामिल हैं।

Cold wave alert Madhya Pradesh: एमपी में शीतलहर का कहर, आज 23 जिलों में अलर्ट, स्कूलों का समय बदला

देवास में स्कूलों का बदला गया समय

कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते स्कूलों के समय में भी विभिन्न जिलों में बदलाव किया जा रहा है। देवास जिले में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने भी स्कूलों के समय में परिवर्तन किया है। देवास में नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूलों के शुरू होने का समय सुबह 10 बजे कर दिया गया है।

अब पूर्वी हिस्से में भी कड़ाके की ठंड

मौसम विभाग के मुताबिक 3-4 दिन पहले तक कड़ाके की ठंड का असर राज्य के पश्चिमी हिस्से यानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में ज्यादा था, लेकिन अब राज्य के पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल संभागों के जिलों में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

प्रदेश में तापमान की यह स्थिति

सोमवार और मंगलवार की रात का सबसे कम तापमान शहडोल के कल्याणपुर में 7.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा अमरकंटक में 7.8, शाजापुर के गिरवर में 7.9, राजगढ़ में 8 और भोपाल में 8.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

इसके अलावा सिहोर में 8.9, बैतूल में 10.2, बड़वानी में 10.5, छिंदवाड़ा में 10.3, मंडला में 10, जबलपुर में 9.7, उमरिया में 8.5, सतना में 10.5, रीवा में 9.2, नौगांव में 8.5, दतिया में 10.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

कड़ाके की ठंड की यह है वजह

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में गिर रही बर्फ और वहां से आ रही ठंडी हवाओं के कारण मध्यप्रदेश के अधिकांश जिले ठिठुर रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक पीके शाह के अनुसार इस बार हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ एक सप्ताह पहले ही एक्टिव हो गए। इसके चलते बर्फबारी हो रही है।

किसान भाई बरतें यह सतर्कता

  • शीत लहर आने से पहले खेत में हल्की सिंचाई करें ताकि मिट्टी का तापमान बना रहे। रात के समय खेत के किनारों पर सूखी पत्तियाँ या भूसा जलाकर धुआँ करें।
  • सब्जियों और नाजुक फसलों के आसपास पुआल, घास या प्लास्टिक शीट से ढंकाव करें।
  • आलू टमाटर, मिर्च, फूलगोभी, सरसों आदि फसलों की विशेष सुरक्षा करें। सब्जी नर्सरी को पॉलीथीन शीट या घास से ढंककर रखें।
  • पशुओं को ठंडी हवा से बचाने के लिए बंद या आंशिक बंद गोठ में रखें। पशुओं को पीने के लिए गुनगुना पानी दें, ठंडा पानी न दें।
  • पशुओं के लिए सूखी बिछावन जैसे पुआल या भूसा बिछाएँ। पशुओं को गुड़, तेलखली, दाना आदि ऊर्जावान चारा दें।
  • किसान खुद ठंड से बचने के लिए ऊनी कपड़े, टोपी, दस्ताने और जूते पहनें। अत्यधिक ठंड में खेत पर काम करने से बचें।

सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button