Court Dicision : नाबालिग बालिका का बहला फुसलाकर व्यपहरण करने के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई तीन साल की सजा, दो हजार का जुर्माना भी
Betul Update: एक 16 वर्षीय अवयस्क बालिका का व्यपहरण करने वाले आरोपी को 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2000 रूपये के जुर्माने से दंडित किया गया है। विशेष न्यायाधीश, अनन्य विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल ने यह सजा सुनाई है। आरोपी पंकज उर्फ पंकेश पिता बीरेलाल उईके (21) निवासी वन ग्राम ठेसका थाना आठनेर को सजा सुनाई गई है।
प्रकरण में शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक एसपी वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक ओमप्रकाश सूर्यवंशी द्वारा पैरवी कार्य किया गया। अभियोजन का मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि पीड़िता की माता ने 11 मार्च 2022 को थाना कोतवाली बैतूल में मौखिक रिपोर्ट दर्ज करायी कि 09 मार्च 2022 को करीब 2 बजे दोपहर में उसकी छोटी लड़की पीड़िता उम्र 16 वर्ष घर से स्कूल जाने का बोलकर गई थी। वह वापस नहीं आयी। जिसकी तलाश उन्होंने स्कूल एवं आसपास के रिश्तेदारों में किया जिसका कोई पता नहीं चला।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली, बैतूल द्वारा गुमशुदगी दर्ज कर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की गई। विवेचना के दौरान 25 मार्च 2022 को पीड़िता को दस्तयाब किया गया। उसे उसकी माता को सुपुर्दगी पर दिया गया। पीड़िता के कथन लेखबद्ध किये गये, जिसमें उसने बताया कि आरोपी पंकेश उर्फ पंकज ने उसे जबरदस्ती इटारसी बहकाकर और व्यपहरण कर ले गया था।
आवश्यक अनुसंधान पूर्णकर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र अनन्य विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। विचारण में अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से प्रमाणित किया। जिसके आधार पर न्यायालय द्वारा आरोपी को दंडित किया गया।



