Betul Samachar: जनपद सदस्यों ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सीईओ के खिलाफ खोला मोर्चा; लगाए भारी भ्रष्टाचार के आरोप
Betul Samachar: District members opened front against President, Vice President and CEO; allegations of heavy corruption
▪️ प्रकाश सराठे, रानीपुर
Betul Samachar: बैतूल जिले की घोड़ाडोंगरी जनपद पंचायत के सदस्यों ने जनपद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सीईओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर उन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर स्वीकृत कार्यों को निरस्त करने और सभी जनपद क्षेत्रों में समान रूप से कार्य आवंटन की मांग की है। ज्ञापन में लाखों रुपए के काम बिना नियम प्रक्रियाओं का पालन किए चहेतों को दे दिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
जनपद सदस्यों द्वारा सौंपे ज्ञापन में जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी के जनपद अध्यक्ष राहुल उईके, जनपद उपाध्यक्ष ज्ञान सिंह परते, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरेश इंदौरकर और लेखापाल हेमंत वर्मा के द्वारा नियमों को ताक पर रखकर, बगैर कोई बैठक किए, सभापतियों और जनपद सदस्यों को बगैर सूचना दिए, कामों की बगैर कोई फाइल बनाए जनपद निधि की राशि 63 लाख रुपए के काम चहेतों को बांट दिए। जिसमें से जुगाड़ी पंचायत में 15 लाख, चिखलीमाल, चिखलीआमढाना, सालीढाना और सातलदेही पंचायत में लगभग 12-12 लाख रुपए की राशि के स्टाप डैम, पुलिया आदि कार्य लेआउट और जियो टैग किए बगैर चालू करवा दिए गए।
ऐसा इसलिए किया गया ताकि काम हो जाने के बाद फाइल आदि बनाने की औपचारिकता पूरी कर पैसे का आहरण किया जा सके। जुवाड़ी में काम पूरा भी कर लिया गया है। चिखलीमाल और चिखली आमढाना में काम अधूरा है। शेष दो पंचायतों में काम शुरू नहीं हुआ है। निर्माणस्थल पर स्थानीय मजदूरों को काम ना देकर दूसरी पंचायत के मजदूरों से कार्य ठेकेदारों के माध्यम से करवाया जा रहा है जिससे भ्रष्टाचार किया जा सके। घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। नदी के पत्थर, मिट्टी युक्त भसुआ रेत, मिट्टीयुक्त गिट्टी और घटिया किस्म की सीमेंट से कार्य पूरा किया जा रहा है।
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जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी द्वारा सीधे वेंडरों के खाते में राशि ट्रांसफर की जाती है, यह भी जांच का विषय है। जनपद पंचायत में वर्षों से कई अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं जो स्थानीय स्थिति से भलीभांति परिचित हैं। यह भी भ्रष्टाचार का एक कारण है। क्षेत्र में जो भी कार्य हुए हैं या किए जा रहे हैं उनमें तकनीकी रूप से जांच करने पर सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।
इन कार्यों में खसरा नक्शा, प्रस्ताव, ग्राम सभा के प्रस्ताव में भिन्नता पाई जाएगी, जिस पर जांच कर दोषियों पर कार्यवाही करना अति आवश्यक है। ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएं एवं जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर धारा 40 की कार्यवाही की जाएं। साथ ही यह मांग भी की गई है कि स्वीकृत कार्यों को निरस्त कर सभी जनपद सदस्य क्षेत्र में समान रूप से कार्यों का आवंटन किया जाएं।



