प्रतिभा : डिग्री है सिविल इंजीनियर की पर सुरीला गाते हैं, मनभावन गीत लिखते हैं; बनाया ऐसा बैंड जिसने हासिल की खासी शोहरत

ये हैं बैतूल के आदित्य पांसे। इनके पास डिग्री तो वैसे सिविल इंजिनियरिंग की है। अमूमन इस डिग्री की पढ़ाई लिखाई में उलझे लोग गीत-संगीत की ओर कम ही ध्यान दे पाते हैं, लेकिन इनकी बात कुछ जुदा है। वे ना अच्छा गाते हैं बल्कि उतने ही सुमधुर गीत लिखते भी हैं। यही नहीं यही नहीं उन्होंने एक बैंड भी बनाया है, जो कि अब खासी शोहरत हासिल कर चुका है।
बैतूल के बच्चों को उनसे रूबरू होने और उनकी शख्सियत के बारे में जानने का मौका तब मिला जब वे हाल ही में शौर्य डिफेंस एवम स्पोर्ट्स नर्सरी पहुंचे। बच्चे उस वक्त बेहद उत्साहित हुए जब उन्हें पता चला कि उनके बीच एक मल्टी टैलेंटेड पर्सनेलिटी आदित्य पांसे मौजूद हैं।

दरअसल, आदित्य ने अपनी कर्मभूमि महाराष्ट्र के पुणे शहर को बना ली है। अपने निजी कार्य के लिए बैतूल आए हुई थे। उसी समय उन्हें पता चला कि बैतूल जैसी छोटी जगह में बच्चों की प्रतिभा को तराशने के लिए शोर्य डिफेंस एवम स्पोर्ट्स नर्सरी लगातार प्रयासरत है तो उन्होंने बच्चों से मिलकर उन्हें मोटिवेट किया।
संस्था प्रमुख नीता वराठे ने बच्चों को बताया कि आदित्य पांसे बैतूल जिले के एकमात्र युवा हैं जो अपना म्यूजिक एलबम निकाल चुके हैं। वे गाने कंपोज भी करते हैं, गाते भी हैं और लिखते भी हैं। सिविल इंजीनियर होने के बाद भी अपने कंफर्ट जोन से बाहर आकर आदित्य ने लीक से हटकर नाम कमाया है। ये हम सब के लिए गर्व की बात है। वे रुलर एरिया से बच्चों को निकालकर मंच देना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि आदित्य पुणे के मशहूर बैंड ‘अर्द्र’ के फाउंडर एवं लीड सिंगर भी हैं।

इस मौके पर उन्होंने बच्चों से चर्चा करते हुए मशविरा दिया कि जिंदगी में हमेशा अपना विजन क्लियर रखें, उस पर जमकर मेहनत करें और खुद को कभी किसी से कम न समझे। अगर कोई आपको आपसे बड़ा लगता है तो यह याद रखे कि उससे भी बड़ा कोई न कोई होगा ही। किसी भी स्थिति में खुद को कमतर न समझें। उन्होंने बच्चों को अपने एल्बम भटका मुसाफिर का गाना भी गाकर सुनाया।
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