Negligence : भरभरा कर ढह गई दो दुकानें, 25 साल पहले हुआ था निर्माण, किसी ने नहीं ली आज तक सुध
• प्रकाश सराठे, रानीपुर
बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी ब्लॉक में स्थित ग्राम पंचायत रानीपुर में जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी की पांच दुकानें थीं। व्यापारियों को देने के उद्देश्य से जनपद पंचायत द्वारा इनका निर्माण कराया गया था। इनमें से एक दुकान छोड़कर 4 दुकानें खाली थी। जिसमें से 2 दुकानें भरभरा कर गिर गई।
रानीपुर के व्यापारी उमेश मालवी, मुकेश कहार, सदन मालवीय, शुभम पांडे, प्रवीण राठौर ने बताया कि जनपद पंचायत द्वारा इन दुकानों का निर्माण सन 1990 से 1995 के बीच में कराया गया था। उसके बाद आज तक जनपद पंचायत ने इन दुकानों की खोज खबर तक नहीं ली। निर्माण कार्य भी घटिया तरीके से कराया गया था। जिससे कि यह दुकानें भरभरा कर ढह गई।
ग्रामीणों का मानना है कि आज भी जनपद पंचायत की दुकानों के आजू-बाजू में भारी मात्रा में शासकीय जमीन उपलब्ध है। पशु औषधालय का भवन भी खाली हो चुका है। यदि जनपद पंचायत या ग्राम पंचायत इन दुकानों को तोड़कर निर्माण कार्य कराती है तो यहां पर 35 से 40 दुकानें निकल सकती है। जिससे बेरोजगारी भी कम होगी और लोगों को व्यापार मिल सकेगा।
आए दिन दुर्घटना का शिकार होते हैं राहगीर
रानीपुर में जनपद पंचायत के दुकानों के आजू-बाजू एवं रानीपुर पुलिस म्यूजियम के सामने बनी दुकानों में आए दिन वाहन चालक अपना नियंत्रण खो कर सीधे दुकानों में अपना वाहन लेकर घुस जाते हैं। हमेशा यहां पर दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ रहता है। पुलिस म्यूजियम के सामने गजबदन स्टेशनरी में आए दिन वाहन चालक नियंत्रण खोकर सीधे दुकान में चले जाते हैं। जिससे कई बार वाहन चालकों को पुलिस के माध्यम से घोड़ाडोंगरी इलाज के लिए पहुंचाया जाता है।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि जनपद पंचायत या ग्राम पंचायत उक्त भूमि पर सार्वजनिक सार्वजनिक बस स्टैंड व कांप्लेक्स का निर्माण कार्य कराए तो पंचायत व जनपद पंचायत की इनकम भी बढ़ेगी और लोगों को बेरोजगारी से मुक्ति भी मिलेगी। व्यापारियों को दुकानों की मदद मिल जाएगी। जनपद पंचायत यहां पर बनी दुकानों से राजस्व तो वसूल कर रही है परंतु मेंटेनेंस के नाम पर कागजों में खानापूर्ति कर रही है।
जनपद पंचायत द्वारा बनाई गई दुकान हुई गायब
सन 1990 से 1995 के बीच में बनाई गई जनपद पंचायत की दुकानें बस स्टैंड पर होकर भी नजर नहीं आती है। जनपद पंचायत की दुकानों के आजू-बाजू में लोगों ने अपनी दुकानें कितनी लगा ली है। लोगों को जनपद पंचायत की दुकान ही नजर नहीं आती।
इन दुकानों की सुध लेने के लिए कोई तैयार नहीं। हालांकि इन दुकानों का निर्माण होने को लगभग 25 साल से भी ज्यादा बीत चुके हैं परंतु इसका राजस्व कौन वसूलते हैं, यह किसी को नहीं मालूम। 25 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी दुकानों की दीवारें आज भी मरम्मत को तरस रही है।
आपके द्वारा मुझे जानकारी मिली है। मैं बाबू के छुट्टी से आने के बाद आपसे मिलकर ग्रामीणों की समस्या को हर हाल में हल करूंगा। मौके का निरीक्षण करके आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे।
प्रवीण कुमार ईवने
सीईओ, जनपद पंचायत, घोड़ाडोंगरी



