CM Mohan Yadav Inspection: एक्शन मोड में सीएम मोहन यादव, अचानक पहुंचे पुलिस थाना, मिले यह हाल, कार्रवाई के निर्देश
CM Mohan Yadav Inspection: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर प्रवास के दौरान अचानक थाना एमजी रोड पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। थाने में प्रवेश करते ही उन्होंने विभिन्न शाखाओं की स्थिति देखी और रिकॉर्ड से जुड़ी दर्जनों प्रविष्टियों का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने थाने में चल रही कार्रवाइयों के बारे में भी विस्तृत जानकारी ली। इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने उन्हें बताया कि शहर की पुलिस आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखकर कई नए प्रयोग कर रही है, जिनका उद्देश्य लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
एफआईआर की डिजिटल प्रक्रिया समझी
थाना परिसर में निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव हेड मोहर्रिर कक्ष में भी पहुंचे। यहां उन्होंने एफआईआर दर्ज करने की डिजिटल प्रक्रिया को समझा। मौजूद कर्मचारियों से उन्होंने पूछा कि शिकायत दर्ज होने में कितना समय लगता है और कंप्यूटर सिस्टम कैसे काम करता है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने रोजनामचे को देखने का निर्देश दिया।
बिना सूचना दिए गायब था कांस्टेबल
दोपहर 12 बजे जब रोजनामचा खोला गया तो पता चला कि उसकी आखिरी प्रविष्टि सुबह 11 बजकर 38 मिनट की थी। इसी दौरान यह जानकारी सामने आई कि आरक्षक रिंकू सिंह आठ नवंबर से बिना कोई सूचना दिए अनुपस्थित है। इस पर मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नर से कहा कि अनुपस्थिति की स्थिति की जांच की जाए और नियमों के मुताबिक आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आगंतुक रजिस्टर का किया अध्ययन
मुख्यमंत्री ने आगे बढ़कर आगन्तुक रजिस्टर का भी अध्ययन किया। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि हर थाने में यह रजिस्टर इसलिए रखा गया है ताकि थाने में आने वाला हर नागरिक अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर सके। यह भी बताया गया कि इस रजिस्टर में लिखे गए फीडबैक की दोबारा पुष्टि करने के लिए एक विशेष व्यवस्था बनाई गई है।
कमिश्नर कार्यालय में इसके लिए अलग से फीडबैक सेक्शन संचालित किया जा रहा है, जहां से हर महीने लगभग पांच हजार आगन्तुकों से फोन के माध्यम से संपर्क कर उनका अनुभव पूछा जाता है और मिलने वाली प्रतिक्रियाओं को रिकॉर्ड में शामिल किया जाता है।
क्यूआर कोड से दे सकते हैं फीडबैक
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि नागरिक अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे फीडबैक दे सकते हैं। यह तरीका इसलिए अपनाया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी राय आसानी से साझा कर सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि थानों में जिन वाहनों को वर्षों से बिना व्यवस्था के खड़ा कर दिया गया है, उनका समय पर निपटारा किया जाए ताकि थाने की जगह का बेहतर उपयोग हो सके।
- यह भी पढ़ें : Modern cultivation: अब ट्रैक्टर से खेती करते नजर आएंगे गन्ना किसान, बैतूल में शुगर मिल की अनूठी पहल
संवेदनशीलता के साथ करें सुनवाई
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि थाने में आने वाला हर व्यक्ति संवेदनशीलता और सम्मान के साथ सुना जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी जिम्मेदारी और दक्षता के साथ काम करना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान यह रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित सिंह, राजेश कुमार सिंह, सुमित मिश्रा और कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-
- हमारे यूट्यूब चैनल पर खबरें देखने के लिए : यहां क्लिक करें
- वाट्सअप चैनल पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक ग्रुप पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक पेज पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- एक्स पर खबरें पाने के लिए: यहां क्लिक करें



