बड़ी खबर: भैंसदेही के प्रभारी तहसीलदार संजय बारस्कर निलंबित, कलेक्ट्रेट अटैच

सीएम हेल्प लाइन पोर्टल में दर्ज शिकायतों के निराकरण में सकारात्मक कार्यवाही न कर गंभीर लापरवाही बरतना भैंसदेही के प्रभारी तहसीलदार को भारी पड़ गया। शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने एवं शासकीय कार्य में लापरवाही व उदासीनता बरतने के मामले में नर्मदापुरम संभागायुक्त मालसिंह ने भैंसदेही में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं प्रभारी तहसीलदार संजय बारस्कर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कार्यालय कलेक्टर बैतूल में संलग्न किया है। कमिश्नर द्वारा प्रभारी तहसीलदार के खिलाफ की गई कार्यवाही से लापरवाह अधिकारियों- कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
कलेक्टर-एसडीएम के नोटिस का नहीं दिया था जवाब
कमिश्नर द्वारा निलंबित किये गये भैंसदेही के प्रभारी तहसीलदार की अनुशासन हीनता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने भैंसदेही एसडीएम एवं बैतूल कलेक्टर द्वारा जारी किये गये कारण बताओ नोटिस का जवाब तक नहीं दिया था। बताया जाता है कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में दर्ज शिकायतों के निराकरण में लापरवाही किये जाने पर अनुविभागीय अधिकारी भैंसदेही द्वारा 10 जनवरी 2022 को तथा सीएम हेल्प लाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण में सकारात्मक कार्यवाही नहीं करने पर कलेक्टर ने 24 जनवरी 2020 को भैंसदेही के प्रभारी तहसीलदार संजय बारस्कर को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। परंतु प्रभारी तहसीलदार ने एसडीएम-कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया।
इन कार्यों में लापरवाही के हैं आरोप
इसके अलावा लघु सिंचाई संगणना, रबी फसल गिरदावली, मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधी योजना के क्रियान्वयन में अपेक्षाकृत प्रगति नहीं मिलने पर शासकीय कर्तव्य में लापरवाही एवं उदासीनता के लिए कलेक्टर ने नायब तहसीलदार संजय बारस्कर के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की थी।
पटवारी बता रहे कार्रवाई को गलत
इधर पटवारी निलंबन की इस कार्रवाई को पूरी तरह गलत ठहरा रहे हैं। इस संबंध में पटवारी संघ की तहसील शाखा भैंसदेही ने भैंसदेही तहसील कार्यालय में कमिश्नर के नाम ज्ञापन सौंप कर निलंबन को गलत ठहराया। उनका साफ कहना है कि प्रभारी तहसीलदार द्वारा अपने सभी कार्य समय-समय पर सम्पादित किए जाते हैं। किसी भी कार्य में उनके द्वारा कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। इसलिए निलंबन की कार्यवाही गलत है। पटवारियों ने उन्हें तत्काल बहाल करने की मांग की है। ऐसा नहीं किए जाने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी है।



