कलयुगी मामा की करतूत : मासूम भांजी से रेप कर किया गर्भवती, शिकायत पर मामला दर्ज, आमला में झोलाछाप डॉक्टर पर कराई एफआईआर

Betul News: मध्यप्रदेश के बैतूल में एक कलयुगी मामा की शर्मनाक करतूत सामने आई है। आरोपी मामा अपनी ही 13 वर्षीय भांजी को बार-बार हवस का शिकार बनाता रहा। नतीजतन मासूम गर्भवती हो गई। मामले का खुलासा होने पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। वहीं आरोपी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। उधर आमला में एक झोलाछाप डॉक्टर पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बैतूल गंज थाना क्षेत्र के एक गांव का परिवार हमलापुर ईंट भट्टे पर काम करने आया था। माता- पिता के साथ 13 वर्ष की किशोरी भी थीं। यहां काम करने किशोरी का सगा मामा भी आया था। इसी दौरान उसने अपनी सगी भांजी के साथ ईंट भट्ठे पर जबरन दुराचार किया। किसी को बताने पर मामा ने भांजी को जान से मारने की धमकी दी।
सूत्रों के मुताबिक ईंट भट्ठे पर काम खत्म होने के बाद मामा ने कई बार उसके गांव में भी जबरन दुराचार किया। पीड़िता के द्वारा इस घटना की जानकारी परिजनों को दिए जाने के बाद शनिवार को गंज थाने में मामा के विरूद्ध धारा 376 समेत पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
गंज टीआई अनुराग प्रकाश ने बताया कि दुराचार पीड़िता का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया है। उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई है।आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर, क्लिनिक किया गया सील, दवाइयां भी जब्त
▪️ दिलीप पाल, आमला
बैतूल जिले में एक झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एफआईआर दर्ज कराई है। यह एफआईआर बैतूली के आमला पुलिस थाना में बीएमओ आमला डॉ. अशोक नरवरे द्वारा दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।

बीएमओ डॉ. नरवरे द्वारा की गई लिखित शिकायत में बताया गया है कि वे आज शाम को नायब तहसीलदार और पुलिस बल के साथ खापाखतेड़ा में डॉ. दिलीप पिता दीनबंधु विश्वास (48) के क्लिनिक पर जांच के लिए पहुंचे। जांच में पाया गया कि खापाखतेड़ा के झोलाछाप डॉक्टर द्वारा बिना डिग्री के मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
झोलाछाप डॉक्टर के निवास में दवाइयां भी मिली हैं। जांच के दौरान बीएमओ डॉ. नरवरे ने पाया कि झोलाछाप डॉक्टर के पास कोई डिग्री नहीं थी। वहीं उनके निवास में दवाइयां भी थी।झोलाछाप डॉक्टर दिलीप विश्वास स्वयं के घर में संचालित अवैध क्लीनिक में इलाज करते पाया गया। वहां मरीजों को लगाए गए इंजेक्शन एवं सीरिंज वहीं फेंके हुए मिले।
काफी मात्रा में एंटीबायोटिक, दर्द निवारक इंजेक्शन अलग-अलग कम्पनियों के मिले। लाईसेंस के बारे में पूछने पर नहीं होना बताया। उक्त व्यक्ति फर्जी झोला छाप डॉक्टर की भूमिका निभाकर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। इसलिए मौके पर क्लिनिक में उपयोग किये जा रहे इंजेक्शन जप्त कर पंचनामा बनाकर दवाइयों को सील किया गया।
दिलीप विश्वास के सारे कार्य मप्र उपचर्यागृह तथा रुजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 की धारा 3, 8 (क) (एफ) (टो) तथा चिकित्सा शिक्षा संस्था (नियंत्रण) अधिनियम 1973 धारा 7-1, 8 (2) एवं मप्र मेडिकल काउंसिल एक्ट 1987 की धारा 24 में उल्लेखित प्रावधानों के विपरीत है। शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। उधर मौके पर बीएमओ डॉ. नरवरे एवं नायब तहसीलदार द्वारा निवास का क्लिनिक सील कर दिया गया है।




