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Kab kare buaai: किसान भाइयों के लिए जरूरी खबर, बुआई करने से पहले पढ़ लें कृषि विभाग की यह उपयोगी सलाह

• उत्तम मालवीय, बैतूल
बैतूल जिले में बारिश शुरू हो गई है। ऐसे में किसानों ने बुआई की तैयारी भी शुरू कर दी है। लेकिन, ताबड़तोड़ अंदाज में बुआई करना नुकसानदेह भी साबित हो सकता है। इसी के मद्देनजर कृषि विभाग ने कुछ जरूरी सलाह दी है। इस पर किसानों को जरूर अमल करना चाहिए। विभाग ने बताया है कि बुआई कब करें और उसके पहले और क्या-क्या करना जरूरी है।

विभाग द्वारा जारी सलाह में बताया गया है कि जिले में मानसून सक्रिय होने की संभावना है। किसान इस अनुसार खेतों की तैयारी/बुआई की व्यवस्था सुनिश्चित करें। वर्षा के आगमन के पश्चात् बोवनी हेतु मध्य जून से जुलाई के मध्य प्रथम सप्ताह का समय उपयुक्त है। मानसून आगमन के पश्चात जिन स्थानों पर लगभग 100 मिमी या 4.0 इंच वर्षा हो गई है, बुआई की जाए।

किसान आगामी बोयी जाने वाली फसलों के उन्नत किस्म का बीज एकत्र कर उनका अंकुरण परीक्षण अवश्य कर लें। सोयाबीन 70 प्रतिशत, धान 80 प्रतिशत, मक्का 80 प्रतिशत, अरहर 75 प्रतिशत अंकुरण होना चाहिए। यदि अंकुरण का प्रतिशत कम आता है तो उसी दर से बीज की मात्रा बढ़ाएं, ताकि खेतों में पर्याप्त पौध संख्या रहे।

• बीज जनित रोगों की रोकथाम के लिए बीजोपचार आवश्यक है। बोवनी के पूर्व 5 ग्राम ट्राइकोडर्मा बिरडी प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करें। ट्राइकोडरमा बिरडी न मिलने पर थीरम 2 ग्राम एवं कार्बेन्डाजिम एक ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करें एवं बाद में कल्चर एवं पीएसबी से बीजोपचार करना चाहिए।

• सोयाबीन की बीमारी से प्रतिरोधक क्षमता वाली किस्मों को लगाए। जैसे- जेएस 2029, जेएस 2034, जेएस 2069, जेएस 2094, जेएस 2098, जेएस 20-116, एनआरसी-38, एनआरसी-86, एनआरसी-127, आरवीएस 2001-4 एवं आवीएस 2002-4 का उपयोग करें।

• पीला मोजेक बीमारी की रोकथाम हेतु अनुशंसित कीटनाशक थायोमिथाक्सम 30 एफएस (10 मिली/किग्रा बीज) या इमिडाक्लोप्रिड 48 एफएस (1-2 मिली/किग्रा बीज) से बीजोपचार करें।

• सोयाबीन फसल के लिए आवश्यक पोषक तत्वों 20:80:20 किग्रा/हे. नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश की पूर्ति केवल बोवनी के समय करें। इसके लिए निम्न में से कोई भी एक उर्वरकों के समूहों का चयन किया जा सकता है-

√ यूरिया 43 किग्रा + 500 किग्रा सुपर फास्फेट + 33 किग्रा म्यूरेट ऑफ पोटाश

√ डीएपी 111 किग्रा + 180 सुपर फास्फेट किग्रा + म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किग्रा

√ मिश्रित उर्वरक 12:32:16 की 130 किग्रा + यूरिया 45 किग्रा + सुपर फास्फेट 300 किग्रा + म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किग्रा।

• मक्का फसल हेतु संकर मक्का, शासकीय अनुसंधान द्वारा विकसित जेएम 215, जेएम 216, जेएम 218, एचक्यूपीएम-1, एचक्यूपीएम-5, विवेक-1 एवं पीजेएचएम-1 (संकर) उन्नत किस्म के बीज की व्यवस्था कर बीज उपचारित करके ही बोयें।

• संकर मक्का हेतु आवश्यक पोषक तत्वों 100:60:40 किग्रा/हे. नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश की पूर्ति हेतु निम्न में से कोई भी एक उर्वरकों के समूहों का चयन किया जा सकता है-
√ यूरिया 217 किग्रा + 375 किग्रा सुपर फास्फेट + 67 किग्रा म्यूरेट ऑफ पोटाश
√ डीएपी 130 किग्रा + 167 सुपर फास्फेट किग्रा + म्यूरेट ऑफ पोटाश 67 किग्रा
√ मिश्रित उर्वरक 12:32:16 की 187 किग्रा + यूरिया 168 किग्रा।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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