Betul News: हत्या के एक और बलात्कार के तीन आरोपियों को उम्रकैद, छात्रावास अधीक्षिका को किया निलंबित

Betul News: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक 15 साल की नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वहीं हत्या के एक आरोपी को भी आजीवन कारावास की सजा दी गई है। इधर छात्रावास के संचालन में अनियमितताएं पाए जाने पर एक छात्रावास अधीक्षिका को निलंबित कर दिया गया है।
नाबालिग से गैंग रेप करने के आरोप में भैंसदेही की अदालत ने तीन आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। उम्र कैद की यह सजा उनके बाकि प्राकृतिक जीवनकाल तक चलेगी। आरोपियों पर जुर्माना भी किया गया है। अनन्य विशेष न्यायाधीश ( पॉक्सो एक्ट ) बैतूल ने थाना मुलताई क्षेत्र के तहत अवयस्क बालिका के साथ सामूहिक बलात्कार करने वाले आरोपियों को यह सजा दी है। इनमें आरोपी दीपक उर्फ दीपू पिता रामजी सरोदे (23) वर्ष को धारा 376 डी में आजीवन कारावास 2 हजार रुपए का अर्थदण्ड, धारा 363 में 04 वर्ष कठोर कारावास,1 हजार रुपए का अर्थदण्ड, धारा 366 (क) में 5 साल कठोर कारावास, 1 हजार का रुपए अर्थदण्ड, आरोपी आशीष उर्फ ट्विंकल पिता शंकर कौशिक (19) 376 डी में आजीवन कारावास, 2 हजार रुपए का अर्थदण्ड और पंकज उर्फ छोटू पिता मुन्नु मालवीय (25) को 376 डी में आजीवन कारावास और 2 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
जानकारी के मुताबिक 15 साल की पीड़िता ने 19 दिसंबर 2018 को थाना मुलताई में मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि करीब 07 से 08 बजे जब वह घर के बाहर कंघी कर रही थी। जिसे घर के बाहर अकेली पाकर आरोपी दीपू उसके पास आया और कहने लगा कि चल तुझे अपनी मम्मी से मिलवा देता हूं। शादी की बात करा देता हुं। उसके मना करने पर भी आरोपी ने पीड़िता को बहला फुसलाकर अपनी बाइक पर बिठा लिया और गांव के आगे पेट्रोल पंप के पीछे बंगले में ले गया और बताया कि ये बंगला उसका है। बंगले में कोई नहीं था, ताला बंद था। आरोपी पीड़िता को घर के अंदर ले गया और पीड़िता के चिखने चिल्लाने तथा मना करने के बाद भी आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया। उसके बाद आरोपी ने दोस्तों को फोन करके बुलाया। जिसके बाद दो आरोपियों ने भी बलात्कार किया।
हत्या करने वाले आरोपी को मिली उम्र कैद
जादू टोना के शक में बुजुर्ग की हत्या करने वाले आरोपी को भैंसदेही की अपर सत्र अदालत ने उम्रकैद की सजा और अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी ने मृतक को लाठियों से पीटा था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मामला एक साल पहले सितम्बर 2021 का है।
अपर सत्र न्यायालय, भैसदेही ने जादू टोना के शक में वृद्ध की हत्या करने वाले आरोपी झीटू अहाके पिता फगनू अहाके (35) निवासी दाबका, थाना आठनेर को धारा 302, 452 भादवि में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 5000 रुपए के अर्थदंड से दण्डित किया है। जानकारी के मुताबिक 70 साल के श्यामलाल पिता जोगी सिरसाम दाबका के घायल अवस्था में सीएचसी में भर्ती होने की सूचना थाना आठनेर को मिली थी। श्यामलाल ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस को बताया कि मै वृद्ध होने के कारण अपने छोटे लड़के लालमन सिरसाम के साथ रहता हूं 7 मेरे बेटे और बहु दो दिन पहले ससुराल वुयारी (पांडूर्ना) गए थे। मैं घर पर अकेला था। 7 सितम्बर की रात करीब 9 बजे मैं घर के अन्दर खटिया पर सोया था तभी गांव का झीटू अहाके जोर-जोर से चिल्लाते हुए घर के अन्दर आया और गालियां देते हुए बोलने लगा कि मेरी भांजी सविता पर तूने जादू टोना किया है। जिससे उसकी रविवार को मौत हो गई।
ऐसा बोलते हुए उसने लठ्ठ से मारना शुरू कर दिया। मारपीट से मुझे बाएं हाथ, दाहिने हाथ, सिर तथा बाएं पैर में चोट लगी है। मेरा बाया हाथ तथा दाहिना हाथ कंधे से टूट गया है। घर में मारपीट करने के बाद झीटू ने मुझे घर से बाहर पैर पकड़कर खीचा और रोड पर रगड़ते हुए बहुत दूर तक ले गया। जिससे मुझे पीठ में भी घसीट और चोट लगी है। फिर मैं बेहोश हो गया और अस्पताल आठनेर में मुझे होश आया है। झीटू ने मुझे जान से मार डालने की नीयत से लठ्ठ से मारपीट की और घर से बाहर रोड पर पैर पकड़कर खीचते हुए रगड़कर ले गया है। इलाज के दौरान आहत श्यामलाल की मृत्यु हो जाने से धारा 302 भादवि का इजाफा किया गया था।
आरोपी झीटू अहाके पिता फगनू अहाके निवासी दाबका, थाना आठनेर जिला बैतूल को धारा 302, 452 भादवि में दोषसिद्ध कर धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास और 5 हजार रुपए के अर्थदंड से और धारा -452 भादवि में 2 साल के कठोर कारावास और 1000 रुपए के अर्थदंड से दण्डित किया है।
छात्रावास संचालन में धांधली पाए जाने पर अधीक्षिका को किया निलंबित
छात्रावास के संचालन में धांधलियां पाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने एक अधीक्षिका को निलंबित कर दिया है। नेताजी सुभाषचन्द्र बोस बालिका छात्रावास प्रभातपट्टन की प्रभारी वार्डन जमुना घोडकी (प्राथमिक शिक्षिका) प्रभारी वार्डन के खिलाफ यह कार्यवाही की गई है। वे वर्तमान में विकासखण्ड प्रभारी नवसाक्षरता कार्यक्रम पढ़ना लिखना अभियान प्रभातपट्टन (मूल पदस्थ संस्था शासकीय प्राथमिक शाला चन्दोरा क्रमांक 02 विकासखण्ड प्रभातपटट्न) भी हैं। उनके द्वारा छात्रावास संचालन में लापरवाही, सीसीटीव्ही कैमरे का बन्द पाया जाना, जीवन कौशल प्रशिक्षण, आत्मरक्षा प्रशिक्षण इत्यादि का संचालन नहीं किये जाने, अभिलेख संधारण में लापरवाही, मॉनिटरिंग प्रक्रिया का पालन न करना, खाद्यान्न पंजी का अद्यतन न किया जाना, खाद्यान्न पर्याप्त मात्रा में न पाया जाना, छात्रावास की साफ-सफाई न पाई जाने, छात्रावास में रनिंग वाटर सुविधा न होने, अव्यवस्थाओं के संबंध में वरिष्ठ कार्यालय को अवगत न कराने, पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही किये जाने के फलस्वरूप मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 (1) (2).3-क में वर्णित आचरण के विपरित होकर नियम 22 के के तहत कदाचार होने से म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान श्रीमती घोडकी का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी प्रभातपटट्न में रहेगा तथा निलंबन काल में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। उनके निलंबन पर बालिका छात्रावास प्रभातपट्टन के वार्डन का प्रभार वीणा सलामे प्राथमिक शिक्षिका ईपीईएस शाला देवभिलाई प्रभातपटट्न को आगामी आदेश तक सौपा गया है।



