निःसंतान दम्पतियों के लिए आशा की किरण बनेगा पाढर अस्पताल, आईयूआई विभाग शुरू

बैतूल जिले में स्थित पाढर चिकित्सालय (padhar hospital) ने शनिवार को अपनी 64 वीं वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर वैसे तो अस्पताल में कई नवीन उपकरणों एवं विभागों का लोकार्पण किया गया, लेकिन इनमें से 2 सुविधाएं बेहद अहम हैं। इनमें पहली है आईयूआई (IUI) विभाग और दूसरी सुविधा नई तकनीक 3 डी एवं 4 डी पर आधारित सोनोग्राफी मशीन।

पाढर अस्पताल के प्रशासक विकास सोनवानी ने बताया कि आईयूआई के अंतर्गत उन दम्पतियों (childless couple) का इलाज संभव हो पाएगा जिनको संतान प्राप्ति का सुख प्राप्त नहीं हो पाया है। यह तकनीक प्राथमिक बाँझपन के इलाज के लिए बहुत कारगर है।
बैतूल जिले में यह सुविधा केवल पाढर अस्पताल में ही उपलब्ध है। इस तकनीक द्वारा बाँझपन (sterility) का इलाज बहुत सस्ता है। सबसे बड़ी बात यह है कि आयुष्मान योजना (Ayushman Yojana) के अंतर्गत भी इस तकनीक द्वारा ईलाज संभव है। इससे गरीब निःसंतान दम्पती भी इस तकनीक द्वारा संतानोपत्ति सुख प्राप्त कर सकेंगे।

इसी तरह नई तकनीक 3 डी एवं 4 डी पर आधारित सोनोग्राफी मशीन बैतूल जिले में पहली मशीन है। जिसमें कम समय में ज्यादा अच्छी तरह से स्कैन किया जा सकता है। इसके अंतर्गत गर्भवती महिलाएं गर्भ में मौजूद अपने शिशु की सम्पूर्ण जांचें करवा सकती हैं। इस जाँच के लिए पहले भोपाल (bhopal) एवं नागपुर (nagpur) जाकर परेशान होना पड़ता था।
यह सुविधा अब पाढर अस्पताल में ही उपलब्ध हो गई है। इस मशीन से और भी कई उन्नत जांचें पाढर अस्पताल में संभव हो सकेंगी। इनके अलावा वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आज सी. आर्म मशीन, टीएमटी एवं पीएफटी मशीन, एंडोस्कोपी मशीन का लोकार्पण भी किया गया। विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा इन मशीन के उपयोगों एवं विशेषताओं को बताया गया। नवीन सी. आर्म मशीन मूत्ररोग, गेस्ट्रो केसेस एवं हड्डी से सम्बंधित सभी शल्यक्रियाओं में सहजता प्रदान करती है। यह मशीन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्धारित है। जिसमें फ्लुरोस्कोपी साइन रिकॉर्डिंग की सुविधा उपलब्ध है।

टीएमटी एवं पीएफटी मशीन द्वारा हृदय एवं फेफड़ों की जांचें संभव हो सकेंगी। यह मशीन कई प्रकार के हृदय के रोगों एवं फेफड़ों के असामान्य स्थिति की जांच हेतु इस्तेमाल की जाती हैं। नवीन एंडोस्कोपी मशीन कई प्रकार की शरीर की अंदरूनी जांचों में सहयोग प्रदान करेगी एवं कई प्रकार की बीमारियों को जांचने एवं इलाज में सहयोग प्रदान करेगी।
वर्षगांठ के उपलक्ष्य में चिकित्सालय प्रांगण में संक्षिप्त कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में बिशप, ईएलसी इन एमपी, राईट रेव. सुरेन्द्र कुमार सुक्का उपस्थित थे। वरिष्ठ पत्रकार रामकिशोर पवार भी उपस्थित थे। मुख्य अतिथि ने अस्पताल के सभी कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया। श्री पवार ने ने बैतूल के इतिहास के पर विस्तृत प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन प्रशासक विकास सोनवानी द्वारा किया गया तथा मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. राजीव चौधरी ने अस्पताल के इतिहास पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. प्रफुल्ला परमार्थ ने सभी का आभार प्रदर्शन किया। बिशप राईट रेव. सुरेन्द्र कुमार सुक्का के आशीष वचनों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।



