Knowledge Update : गोल ही क्यों होता है कुओं का आकार, तिकोने या चौकोर क्यों नहीं? यह है इसकी वजह, जानकर होगा पूर्वजों की सोच पर गर्व – Why a well is round

गोल ही क्यों होता है कुओं का आकार | Why a well is round

Why a well is round: हम सभी ने कुएं तो देखे ही होंगे। गांवों में तो यह पानी का मुख्य स्रोत होते ही हैं, कुछ साल पहले तक शहरों में भी पानी यही मुहैया कराते थे। अब भले ही इनकी पूछ परख कम हो गई हो पर एक जमाने में इनके बगैर जीवन की कल्पना तक नहीं की जा सकती थी। खैर, हम बात इनके महत्व की नहीं बल्कि इनके आकार की करेंगे। आपने जहां भी कोई कुआं देखा होगा, वह गोल आकार का ही रहा होगा। हो सकता है कि आपने इस बारे में कभी सोचने की भी जरूरत ना समझी हो कि कुओं का आकार भला गोल ही क्यों होता है। दरअसल, इसके पीछे वैज्ञानिक सोच है। और हमें गर्व होना चाहिए कि हमारे पूर्वज कितनी वैज्ञानिक सोच वाले थे। यही कारण है कि हमने करोड़ों-अरबों की लागत से बने बांध और तालाब तो कुछ सालों में ही फूटते देखे होंगे पर आज तक नहीं सुना कि कहीं महज हजारों की लागत से बना कोई कुआं फूट गया।

पानी या किसी भी तरल या लिक्विड पदार्थ की विशेषता होती है कि इसका अपना कोई आकार नहीं होता। इन्हें जिस आकार में डाला जाता है, वे वही आकार खुद भी ले लेती है। साथ ही उस बर्तन या स्थान की परत पर दबाव डालती है। अगर बर्तन चौकोर आकर का होगा तो उसके कोनों पर पानी का दबाव भी ज्यादा रहेगा। ठीक उसी तरह, अगर कुएं को चौकोर शेप में बनाया जाएगा तो पानी का दबाव सबसे ज्यादा कोनों पर पड़ेगा। जिसकी वजह से कुएं के टूटने के चांसेस बढ़ जाएंगे और उसकी उम्र भी कम हो जाएगी। कुएं के गोल शेप के होने की वजह से हर साइड पर बराबर दबाव रहता है जिससे कुआं ज्यादा दबाव सहन कर पाता है। इससे कुएं के जल्दी टूटने-फूटने का खतरा भी नहीं रहता है।

कुएं के गोल शेप में होने की वजह से ही पानी का दबाव हर साइड बराबर रहता है और उसके टूटने का चांस भी कम रहता है। वैसे ही इसी सिद्धांत के मुताबिक मिट्टी के धंसने के चांस भी कम हो जाते हैं और कुआं सालों तक नहीं धंसता है।

कभी सोचा है.. कुएं का आकार गोल ही क्यों होता है? जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक तथ्य | Science has a lot of importance on our life, that is to say, we are surrounded by science. One such interesting scientific fact is related to the shape of the well. You must have ...|betulupdate

इस आकर में बनाने में भी होती है आसानी

माना जाता है कि कुआं गोल शेप के अलावा किसी और शेप में बनाने के मुकाबले आसान होता है। इसे ड्रिल करने में भी आसानी होती है। यही वजह है कि हर जगह कुएं की शेप गोल ही देखने को मिलती है। इंजीनियरिंग तो बहुत बाद में आई, लेकिन कुओं का अस्तित्व काफी पहले से हैं। ऐसे में मानना होगा कि हमारे पूर्वजों की सोच काफी वैज्ञानिक थी, जिसका अनुसरण आज भी किया जा रहा है।

बोतल और बोरवेल भी इसी सिद्धांत पर

इसके बाद बोरवेल खनन और बोतलों का निर्माण भी शुरू हुआ। हम देख सकते हैं कि उनका आकार भी गोल ही रहता है। इसके पीछे भी कुओं के आकार का ही लॉजिक हैं। आज तक किसी अन्य कारण को छोड़ दे तो हमने कभी नहीं देखा या सुना होगा कि बोतल में पानी या दूध भरा हो और वह फूट गई हो।

News Source: Zeenews.india.com