Kharif Fertilizer Availability 2026: खरीफ सीजन में खाद मिलेगी या नहीं, उत्पादन की क्या है स्थिति, यहाँ जाने सब कुछ
Kharif Fertilizer Availability 2026: Will fertilizer be available in the Kharif season or not, what is the status of production, know everything here

Kharif Fertilizer Availability 2026: खरीफ सीजन से पहले किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार ने साफ किया है कि इस साल खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ विदेशों से खरीद की व्यवस्था भी मजबूत की गई है, ताकि खेती के समय किसी तरह की दिक्कत न आए।
खरीफ सीजन के लिए क्या है तैयारी
आगामी खरीफ 2026 को देखते हुए सरकार ने उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर काम किया है। घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक बाजार से भी समय पर खरीद की जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर देश के किसानों पर न पड़े और उन्हें जरूरत के समय पर्याप्त खाद मिल सके।
प्राकृतिक गैस की खरीद से बढ़ेगा उत्पादन
उर्वरक उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया है। ईपीएमसी के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से गैस की खरीद की गई है। स्पॉट खरीद के माध्यम से देश को 7.31 एमएमएससीएमडी अतिरिक्त गैस मिलने लगी है। इससे कुल आपूर्ति 32 एमएमएससीएमडी से बढ़कर 39.31 एमएमएससीएमडी हो गई है।
इस अतिरिक्त गैस के चलते यूरिया उत्पादन में करीब 23 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का अनुमान है। पहले जहां उत्पादन करीब 54,500 मीट्रिक टन प्रतिदिन था, वह अब बढ़कर लगभग 67,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गया है। गैस आपूर्ति में बढ़ोतरी से उर्वरक संयंत्रों को मिलने वाली कुल गैस का हिस्सा भी पहले के मुकाबले काफी बढ़ गया है।
उर्वरकों का स्टॉक पहले से ज्यादा
सरकार के अनुसार इस साल उर्वरकों का भंडार पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति में है। मार्च 2025 में जहां कुल स्टॉक 138.79 लाख मीट्रिक टन था, वहीं इस साल यह बढ़कर 180.04 लाख मीट्रिक टन हो गया है। यह करीब 29.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
यूरिया का स्टॉक 61.14 लाख मीट्रिक टन है, जो पिछले साल 55.22 लाख मीट्रिक टन था। डीएपी के भंडार में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो लगभग दोगुना हो गया है। इसके अलावा एनपीके और एसएसपी जैसे अन्य उर्वरकों के स्टॉक में भी इजाफा हुआ है, जबकि एमओपी का स्टॉक थोड़ा कम है, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति संतोषजनक बताई जा रही है।
वैश्विक टेंडर और आयात की तैयारी
सरकार ने समय रहते अंतरराष्ट्रीय टेंडर जारी कर दिए थे, जिससे विभिन्न देशों से उर्वरक की खरीद सुनिश्चित की जा सके। इन टेंडर्स को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च के अंत तक अधिकतर ऑर्डर देश में पहुंच जाएंगे। सरकार अलग-अलग देशों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि उर्वरक की सप्लाई में कोई रुकावट न आए। इससे किसानों को समय पर खाद मिलने की संभावना और मजबूत हो गई है।
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कूटनीतिक प्रयासों से मजबूत सप्लाई
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए सरकार कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय है। उर्वरक आपूर्ति करने वाले देशों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है, ताकि समय पर आयात सुनिश्चित किया जा सके। इस रणनीति का मकसद यह है कि वैश्विक उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर न पड़े।
किसानों के लिए राहत की स्थिति
इन सभी तैयारियों के चलते खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उत्पादन में बढ़ोतरी, बेहतर स्टॉक और समय पर आयात की व्यवस्था से स्थिति पहले से काफी मजबूत नजर आ रही है।
सरकार का कहना है कि जरूरत के अनुसार आगे भी सप्लाई बढ़ाने के प्रयास जारी रहेंगे, ताकि खेती का काम बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
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