Railway Project MP: एमपी का यह रेल प्रोजेक्ट अब पकड़ेगा रफ्तार, सरकार ने मंजूर किए 1713 करोड़ रुपये
Railway Project MP: मध्यप्रदेश के सिंगरौली से यूपी के ललितपुर तक बिछने वाली रेल लाइन का प्रोजेक्ट अब रफ्तार पकड़ सकेगा। यह प्रोजेक्ट लंबे समय से अटका पड़ा था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इसे गति देने का संकेत दिया है। हाल ही में जारी रेलवे की पिंक बुक में इस योजना के लिए 1713 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
यह राशि पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी है। बीते वित्त वर्ष में जहां इस काम के लिए 800 करोड़ रुपये से कम मिले थे, वहीं इस बार बजट में 913 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद दी गई है। इससे यह उम्मीद बढ़ गई है कि अधर में लटकी यह परियोजना अब तेजी से पूरी हो सकेगी।
देरी के कारण बढ़ रही है लागत
541 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन की कुल अनुमानित लागत 3900 करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन अब तक जमीन अधिग्रहण, वन अनुमति और अन्य औपचारिकताओं में देरी के कारण खर्च लगातार बढ़ता गया है।
ताजा आकलन के मुताबिक पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 8914 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस बार जो राशि आवंटित हुई है, उसका उपयोग मुख्य रूप से अधोसंरचना, भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य में किया जाएगा।

इन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट
यह रेल लाइन बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बनने के बाद न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी बल्कि खनिज संपदा और औद्योगिक उत्पादों की ढुलाई के लिए भी एक नया विकल्प उपलब्ध हो जाएगा।
अभी सीधी रेल कनेक्टीविटी नहीं
फिलहाल इन क्षेत्रों से दिल्ली और अन्य महानगरों तक सीधी रेल कनेक्टिविटी नहीं है। इस लाइन के शुरू होने के बाद रीवा, सतना और सिंगरौली के यात्रियों को सीधे बड़े शहरों तक पहुंचने का मौका मिलेगा।

इन जिलों से गुजरेगी यह रेल लाइन
इस परियोजना के तहत बनने वाली रेल लाइन ललितपुर, पन्ना, सतना, रीवा और सिंगरौली जिलों से होकर गुजरेगी। ये सभी जिले सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से पिछड़े माने जाते हैं। यहां अब तक औद्योगिक विकास धीमा रहा है और यातायात के साधन भी सीमित रहे हैं। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह लाइन तैयार हो जाने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और व्यापार-व्यवसाय को भी नई दिशा मिलेगी।
सतना-पन्ना सेक्शन में तेजी से काम
निर्माण की स्थिति की बात करें तो सतना से पन्ना सेक्शन में लगभग 73 किलोमीटर का काम तेजी से चल रहा है। इसमें से दस हिस्सों में करीब 26 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। इसी तरह रीवा से सीधी सेक्शन में गोविंदगढ़ से आगे तक ट्रैक बिछाने का काम लगभग पूरा हो गया है। हालांकि अभी भी कई हिस्सों में जमीन अधिग्रहण और तकनीकी मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार आवंटित राशि से निर्माण कार्य और गति पकड़ सकता है।
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अब फिर से जागी लोगों की उम्मीदें
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने कई बार सरकार से मांग की कि काम में तेजी लाई जाए। उनका कहना था कि जब तक यह रेल लाइन पूरी नहीं होती, तब तक क्षेत्र के विकास की राह बाधित रहेगी। अब जबकि इस बार बजट में अपेक्षाकृत अधिक राशि दी गई है, लोगों की उम्मीदें फिर से जागी हैं।
अभी तक मिलता था कम बजट
पिछले कुछ वर्षों में इस परियोजना को सालाना 700 करोड़ रुपये तक ही मिलते रहे थे। साल 2023-24 में तो केवल 300 करोड़ रुपये ही जारी किए गए, जिससे काम की गति और धीमी हो गई। यही कारण था कि प्रगति उम्मीद के मुताबिक नहीं हो सकी। इस बार मिले 1713 करोड़ रुपये से उम्मीद जताई जा रही है कि परियोजना के अधूरे हिस्सों को पूरा किया जाएगा और आवश्यक अधोसंरचना विकसित होगी।
इस प्रोजेक्ट के लिए नहीं मिली राशि
फिलहाल सतना-रीवा रेल दोहरीकरण का काम पिछले दो सालों से बंद है और इस बार के बजट में उसके लिए कोई अलग से राशि जारी नहीं की गई। इससे यात्रियों को थोड़ी निराशा जरूर हुई है, लेकिन ललितपुर-सिंगरौली नई लाइन की प्रगति ने उन्हें उम्मीद भी दी है।
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