इशारा मिलते ही पकड़ लेते हैं बिजली की रफ्तार, रोमांचक होता है पट प्रतियोगिता का नजारा
ग्रामीण अंचलों में आज भी मनोरंजन के लिए परंपरागत खेल ही प्रचलित हैं। जिनमें पट प्रतियोगिता प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में बैल जैसे पालतू पशु की ताकत, चुस्ती, फुर्ती और अपने मालिक के साथ गजब की आपसी समझ का नजारा देखने को मिलता है। मालिक का एक इशारा मिलते ही यह बैल बिजली की गति पकड़ लेते हैं और चंद सेकंड में ही निर्धारित दूरी तय कर लेते हैं। हाल ही में बैतूल के शाहपुर ब्लॉक के बरजोरपुर में भी पट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें विजयी जोड़ी ने महज 5 सेकंड, 84 पॉइंट में 100 मीटर की दूरी तय कर ली।
ग्राम पंचायत टांगनामाल के बरजोरपुर में जय बजरंग पट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। आयोजन समिति अध्यक्ष मेलाराम यादव के नेतृत्व में हुई इस प्रतियोगिता में जिले भर से बड़ी संख्या में बैल जोड़ियों ने हिस्सा लिया। इसमें सुनील यादव की जोड़ी पंजिया-क्रांति ने निर्धारित 100 मीटर की दौड़ मात्र 5 सेकंड और 84 पॉइंट में पूरी कर ली और पहला पुरुस्कार जीत लिया। दूसरे स्थान पर दिनेश ठेकेदार की जोड़ी अर्जुन-चिमटा रही वहीं तीसरा स्थान बंशीलाल काजले की जोड़ी डॉलर-सफेद ने प्राप्त किया।
पट प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए जिस तरह दूर-दूर से बैलजोड़ियाँ आईं उसी तरह प्रतियोगिता का नजारा देख आनंद उठाने के लिए भी लोग दूर-दूर से यहां पहुंचे। बैलों की चुस्ती, फुर्ती और तेजी देखकर वे रोमांचित होते रहे। वहीं तालियां बजाकर हौसला अफजाई भी करते रहे। आयोजन समिति द्वारा विजयी जोड़ियों के मालिकों को पुरुस्कार प्रदान किये गए।
खिलाई-पिलाई पर करते हैं तगड़ा खर्च
कई किसानों को पट प्रतियोगिता में अपनी जोड़ी शामिल करने का बड़ा शौक होता है। वे इसके लिए एक-एक जोड़ी विशेष तौर से रखते हैं। बताते हैं कि इन जोड़ियों से कोई कृषि कार्य नहीं लिया जाता है। इनकी केवल अच्छी खिलाई-पिलाई की जाती है। इसके बाद जब भी कोई पट प्रतियोगिता होती है तो उसमें उन्हें शामिल कराया जाता है।



