8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग को लेकर देशभर में नई उम्मीदें, मध्यप्रदेश में भी हलचल तेज, हुई बड़ी पहल
8th Pay Commission: नए साल की शुरुआत के साथ ही सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच वेतन बढ़ोतरी की उम्मीदें फिर से चर्चा में हैं। आठवें वेतन आयोग को लेकर जहां केंद्र स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, वहीं एक राज्य के फैसले ने बाकी राज्यों की गतिविधियों को भी रफ्तार दे दी है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश में भी कर्मचारियों के हितों को लेकर बैठकों और आकलन की तैयारी शुरू हो गई है।
देशभर में आठवें वेतन आयोग पर बढ़ी चर्चा
पिछले कुछ समय से आठवें वेतन आयोग को लेकर सरकारी महकमे में लगातार बातचीत हो रही है। कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनर्स सभी यह जानने को उत्सुक हैं कि नया वेतन आयोग कब लागू होगा और इससे उन्हें कितना फायदा मिलेगा। केंद्र सरकार ने बीते वर्ष नवंबर महीने में इस दिशा में जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जिससे उम्मीद जगी कि आने वाले समय में वेतन ढांचे में बदलाव देखने को मिल सकता है।
असम सरकार की घोषणा बनी चर्चा का केंद्र
इसी बीच नए साल के अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य में आठवें राज्य वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी। यह फैसला असम के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत और खुशी लेकर आया। इसके साथ ही असम ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन गया। इस पहल ने अन्य राज्यों का भी ध्यान खींचा है और वेतन आयोग को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
मध्यप्रदेश में कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ीं
असम के फैसले के बाद मध्यप्रदेश में भी आठवें वेतन आयोग को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। यहां यह आकलन किया जाने लगा है कि अगर राज्य स्तर पर ऐसा आयोग बनता है तो कर्मचारियों और अधिकारियों को कितना आर्थिक लाभ हो सकता है। इस मुद्दे पर राज्य कर्मचारी संघ सक्रिय हो गया है और इसे लेकर संगठनात्मक स्तर पर चर्चा की तैयारी चल रही है।
राज्य कर्मचारी संघ की बैठक की तैयारी
राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस विषय पर विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में आठवें वेतनमान से जुड़े हर पहलू पर चर्चा होगी। कर्मचारियों को मिलने वाले संभावित फायदे का पूरा गणित तैयार किया जाएगा, ताकि ठोस आंकड़ों के साथ सरकार के सामने बात रखी जा सके।
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वेतनमान का करेंगे तुलनात्मक अध्ययन
संघ की योजना है कि मध्यप्रदेश में पहले लागू छठे और सातवें वेतनमान का तुलनात्मक अध्ययन किया जाए। इसके आधार पर यह समझने की कोशिश होगी कि आठवें वेतन आयोग के लागू होने पर वेतन में किस तरह का बदलाव आ सकता है। अलग-अलग संवर्ग और श्रेणियों के कर्मचारियों व अधिकारियों के वर्तमान वेतन और ग्रेड पे को ध्यान में रखकर संभावित लाभ का अनुमान लगाया जाएगा।
विशेषज्ञों से सलाह और सरकार को ज्ञापन
राज्य कर्मचारी संघ इस पूरी प्रक्रिया में वित्तीय मामलों के जानकार विशेषज्ञों से भी सलाह लेगा। कर्मचारियों और विशेषज्ञों से चर्चा के बाद जो निष्कर्ष निकलेंगे, उन्हें एक ज्ञापन के रूप में राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री कार्यालय जाकर यह ज्ञापन देगा। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के अधिकारियों को भी इससे अवगत कराया जाएगा।
केंद्र स्तर पर भी आगे बढ़ चुकी है प्रक्रिया
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन कर दिया है। इस आयोग की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना देसाई को सौंपी गई है। केंद्र सरकार ने इस पैनल को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में वेतन सुधार को लेकर और स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
आगे की योजना पर सभी की है नजर
असम की पहल और केंद्र सरकार की प्रक्रिया ने अन्य राज्यों में भी उम्मीदों को बल दिया है। मध्यप्रदेश के कर्मचारी अब इस बात पर नजर लगाए हुए हैं कि राज्य सरकार इस दिशा में क्या कदम उठाती है। फिलहाल कर्मचारी संगठनों की सक्रियता से यह साफ है कि आठवें वेतन आयोग का मुद्दा आने वाले दिनों में और तेज होगा।
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