Fig Cultivation: पैसा ही पैसा! आपके पास है बंजर जमीन तो करें चमत्कारिक खेती, होगी लाखों में कमाई, बदल जाएगी किस्मत
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Fig Cultivation, Anjeer Ki Kheti : किसानों की आय बढ़ाने के लिए परंपरागत फसलों के स्थान पर व्यापारिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। व्यापारिक फसलों की खेती से किसान अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। इस समय देश में बारिश का मौसम है तो किसान कई तरह की खेती कर सकते हैं। हम आपको बंजर जमीन पर की जाने वाले एक ऐसी खेती (Anjeer Ki Kheti) के बारे में बता रहें है, जिसमें आपको सिंचाई की कम जरूरत होती है और ये खेती आपको लाखों में कमाई करवा कर देगी।
सिंचाई की जरूरत है कम
हम आपको चमत्कारी खेती के नाम से मशहूर अंजीर की खेती के बारे में बता रहे हैं। अंजीर का रोपण करने से इसमें सिंचाई की कम जरूरत पड़ती है। अंजीर के पौधे का रोपण करने से पहले खेत को अच्छी तरह से तैयार कर लें। अंजीर की खेती के लिए किसानों को अंजीर की फसल लागत पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। यह सब्सिडी केंद्र सरकार की ओर से संचालित राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत दी जाएगी। कई राज्य सरकारें अपने राज्य के भूमि, जलवायु व मौसम के आधार पर किसानों को फल, सब्जी की खेती करने के लिए 50 प्रतिशत या इससे भी अधिक सब्सिडी देती हैं।
डिमांड में है अंजीर (Fig Cultivation)
अंजीर के फल में अनेक प्रकार के पोषक तत्व विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, फाइबर और कैल्शियम पाये जाते है। इसके फल का सेवन ताजा व फल को सुखाकर कर सकते हैं। अंजीर के फल का सेवन करने से सर्दी-जुकाम, दमा, स्तन कैंसर और अपच और मधुमेह जैसी बीमारियों में काफी राहत मिलती है। अंजीर के फलों का उपयोग आयुर्वेदिक दवाइयों को बनाने में भी किया जाता है।
अंजीर की सबसे उन्नत किस्में Fig Varieties
पंजाब अंजीर: पंजाब अंजीर किस्म के फल आकार में बड़े और पीले रंग के होते हैं। इसके पौधे समान्यत: 2 साल बाद फल देना शुरू कर देते हैं। पौधे की लंबाई 10 से 15 फीट की होती हैं। 5 वर्ष के पौधे की औसतन पैदावार 15 से 18 किलोग्राम तक प्राप्त हो सकती है।
मार्सलीज अंजीर: यह अंजीर के पौधे की हाइब्रिड किस्म है। इस किस्म के पौधे अधिक तापमान में पककर तैयार होते है। मार्सलीज अंजीर के फलो को भण्डारण अधिक समय तक किया जा सकता है। इसके एक पौधे से तक़रीबन 20 किलो की पैदावार प्राप्त हो जाती है।
पुणे अंजीर: पुणे अंजीर का फल आकार में मध्यम और पीले रंग के होते हैं। इसके पौधे 35 डिग्री से 40 डिग्री तक के तापमान में अच्छी बढ़ोतरी करते हैं। पौधे की ऊंचाई 8 फीट और चौड़ाई 2.5 मीटर तक होती है। पुणे अंजीर के पौधो 1 वर्ष की आयु पूरी करते ही फल देना शुरु कर देते हैं। इसके अतिरिक्त भी दिनकर अंजीर किस्म है, जिन्हें जगह और पैदावार के हिसाब से उगाया जाता है।
ऐसी जलवायु है जरूरी (Fig Cultivation)
अंजीर की फसल के लिए शुष्क और कम आद्र जलवायु को उपयुक्त माना जाता है। इसके फल गर्मियों में पककर तैयार हो जाते है। अंजीर के पौधों के लिए कम बारिश की आवश्यकता होती है तथा सर्दियों में गिरने वाला पाला इसकी फसल के लिए अधिक हानिकारक होता है। इसके पौधों को अच्छे से विकास करने के लिए 25 से 35 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती है,किन्तु सर्दी के मौसम में 20 डिग्री से कम का तापमान इसके पौधों की वृद्धि के लिए ठीक नहीं होता है ।
होगी बंपर कमाई
अंजीर की खेती से किसान काफी अच्छी कमाई कर सकते हैं। एक अनुमान के मुताबिक एक हैक्टेयर में अंजीर के 250 पौधे लगाए जा सकते हैं और अंजीर के एक पेड़ से करीब 20 किलोग्राम अंजीर फल प्राप्त होता है। क्वालिटी के हिसाब से बाजार में इसका रेट 500 से 800 रुपए किलोग्राम तक है। इस हिसाब से किसान अंजीर की एक हैक्टेयर में खेती करके 25 से 30 लाख रुपए की कमाई आसानी से कर सकते हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारियों पर आधारित है। किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।


