cycling tour : एक शिक्षक ऐसा भी : कोरोना के बाद छात्रों के हाल जानने कर रहे सैकड़ों किलोमीटर साइकिल यात्रा
◼️ उत्तम मालवीय, बैतूल
पढ़ाई के दौरान शिक्षकों और छात्रों में एक प्रगाढ़ और आत्मीय संबंध बन जाते हैं। इस पर भी यदि स्कूल आवासीय हो तो फिर निश्चित रूप से यह आत्मीयता चरम पर पहुंच चुकी होती है। ऐसे में कोरोना जैसा लंबा संकट काल हो और एक शिक्षक को अपने पूर्व छात्रों के हाल-चाल जानने की उत्कंठा न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। यही उत्कंठा और ललक भारत भारती आवासीय विद्यालय बैतूल के शिक्षक में भी देखी गई। यही कारण है कि वे उनके हाल-चाल जानने के लिए साइकिल लेकर निकल पड़े।
भारत भारती आवासीय विद्यालय बैतूल के खेल शिक्षक नितेश सिंह राजपूत इन दिनों 300 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पर है। वे बैतूल से छिंदवाड़ा की यात्रा कर रहे हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अपने विद्यालय के वर्तमान और पूर्व छात्रों से मिलना और उन छात्रों के बारे में जानकारी प्राप्त करना।

विगत 2 वर्षों से कोरोना महामारी के कारण छात्रों व शिक्षकों का प्रत्यक्ष संपर्क नहीं हो पाया। ऐसे में छात्रों और शिक्षकों के बीच दूरियां बढ़ती गई। इस दूरी को दूर करने और छात्रों की आगामी योजना जानने के लिए नितेश सिंह राजपूत ने पहले मुलताई, दुनावा के छात्रों से संपर्क किया। अब वे छिंदवाड़ा जिले के छात्रों से संपर्क में जुटे हैं।
इससे पूर्व भी नितेश राजपूत द्वारा सलकनपुर, भोपाल, अमरावती, इंदौर व नागपुर की यात्रा विभिन्न उद्देश्यों को लेकर की जा चुकी है। उनका उद्देश्य यही है कि समाज में जन जागरूकता आ सके। उनके छिंदवाड़ा पहुंचने पर डॉक्टर पवन नेमा, राजेंद्र पाठे, हर्षित लोखंडे, अक्षय देशमुख एवं अन्य पूर्व छात्रों ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान जनजागरूकता को लेकर चर्चा हुई।



