GOBARdhan Scheme: क्या है गोवर्धन योजना, कैसे गोबर से बढ़ेगी किसान की आय, जानें योजना की संपूर्ण जानकारी
GOBARdhan Scheme: What is Govardhan Yojana, how cow dung will increase farmer's income, know complete details of the scheme

GOBARdhan Scheme: संसद में वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश करते समय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई योजनाओं का ऐलान किया। उन्होंने इस दौरान मोदी सरकार की महत्वकांक्षी ‘गोवर्धन योजना’ को लेकर भी ऐलान किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सर्कुलर इकोनामी बनाने पर जोर दिया और इसके लिए गोवर्धन योजना के तहत कुल 500 प्लांट लगाए जाने की जानकारी दी।
अब समझते हैं क्या है ये योजना GOBARdhan Scheme
गैलवनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन (Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan) यानी गोवर्धन योजना के तहत “वेस्ट टू वेल्थ” (Waste and Wealth) प्लांट स्थापित करने की योजना है। योजना के तहत कचरे के सही ट्रीटमेंट के लिए इन प्लांट को तैयार किया जाएगा।
पूरे देश में ऐसे 500 प्लांट लगेंगे। इन 500 प्लांट्स में से 200 कंप्रेसर बायोगैस प्लांट शहरी इलाकों में बनाए जाएंगे, जबकि 300 कम्युनिटी आधारित प्लांट बनेंगे। इन प्लांट को बनाने के लिए सरकार ₹10 हजार करोड़ का निवेश करेगी। इससे देश के एक करोड़ से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने में मदद मिलेगी।
गोबर-धन योजना 2023 का उद्देश्य
गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन योजना 2023 के ज़रिये स्वच्छ गाँव बनाने में समर्थन दिया जायेगा, जो स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का उद्देश्य है। इस योजना के ज़रिये उद्यमियों को जैविक खाद, बायोगैस / बायो-CNG उत्पादन के लिये गाँवों के क्लस्टर्स बनाकर इनमें पशुओं का गोबर और ठोस अपशिष्टों के एकत्रीकरण और संग्रहण को बढ़ावा देना है।
इस योजना के अंतर्गत अब किसानों के पशुओं का गोबर लेकर बायोगैस में परिवर्तित किया जायेगा। इस स्वच्छ जैव गैस ईंधन से ग्रामीण लोगों और विशेष रूप से महिलाये लाभान्वित होगी। इस योजना के माध्यम से देश की किसानों की आय भी दोगुनी होगी। इस योजना का उद्देश्य देश को स्वच्छ रखना। इस योजना के ज़रिये ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा।



