Election : नगरीय निकायों में 75 हजार से 8.75 लाख रुपये तक चुनावी खर्च कर सकेंगे पार्षद प्रत्याशी, पहली बार होगा हिसाब-किताब
◼️ उत्तम मालवीय, बैतूल
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (Madhya Pradesh State Election Commission) के आयुक्त (commissioner) बसंत प्रताप सिंह ने जानकारी दी है कि नगरीय निकाय निर्वाचन (urban body elections) में पहली बार पार्षद (Councillor) पदों के निर्वाचन व्यय लेखा (election expenditure account) का प्रावधान किया गया है। इसके पहले महापौर (Mayor) एवं अध्यक्ष (President) पद के उम्मीदवारों के व्यय लेखा का संधारण किया जाता था। रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा संधारण पर्यवेक्षण के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश भी दिये गए हैं।
सचिव राज्य निर्वाचन आयोग राकेश सिंह ने जानकारी दी है कि पार्षद पदों के निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा नगरपालिका निगम में जनगणना 2011 के अनुसार 10 लाख से अधिक जनसंख्या पर 8 लाख 75 हजार और 10 लाख से कम जनसंख्या पर 3 लाख 75 हजार होगी।
इसी तरह नगर पालिका परिषदों में एक लाख से अधिक जनसंख्या पर 2 लाख 50 हजार, 50 हजार से एक लाख तक की जनसंख्या पर एक लाख 50 हजार और 50 हजार से कम जनसंख्या पर पार्षदों के निर्वाचन व्यय की अधिक व्यय सीमा एक लाख रूपये होगी। नगर परिषदों के लिए अधिकतम व्यय सीमा 75 हजार रूपये होगी।
पंचायतों में बिजली बिल का लगेगा नोड्यूज सर्टिफिकेट
सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री सिंह ने जानकारी दी है कि राज्य स्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच और पंच पद के अभ्यर्थियों को नाम निर्देशन-पत्र के साथ, बिजली बिल बकाया नहीं होने और जिला तथा जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत में बकाया नहीं होने के संबंध में अदेय प्रमाण-पत्र देना होगा।
आरक्षित वर्ग का सदस्य होने की दशा में मध्यप्रदेश शासन के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण-पत्र भी देना होगा। यह जानकारी संवीक्षा की नियत तारीख एवं समय के पहले देना जरूरी है। अभ्यर्थियों को आपराधिक रिकॉर्ड, आपत्तियों, दायित्वों और शैक्षणिक योग्यता के संबंध में भी शपथ-पत्र/घोषणा-पत्र देना होगा।
जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य और सरपंच पद के अभ्यर्थियों को शपथ-पत्र में स्वयं, पति/पत्नी और आश्रितों की आयकर विवरणी में दर्शित कुल आय, चल-अचल संपत्ति का विवरण, सार्वजनिक एवं वित्तीय संस्थाओं और सरकार के प्रति देनदारियों का ब्यौरा देना होगा। अभ्यर्थी को पंचायत तथा किसी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और शौचालय के संबंध में भी शपथ-पत्र देना होगा।
सरपंच पद के लिए जमा एकमात्र नामांकन पत्र
बैतूल जिले में पंचायत चुनाव के लिए नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। पहले दिन जिले भर में केवल एक नाम निर्देशन पत्र दाखिल हुआ है। यह नामांकन पत्र घोड़ाडोंगरी जनपद पंचायत की एक पंचायत से दाखिल हुआ है। शेष कहीं भी कोई नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ।
जिले में जिला पंचायत सदस्यों के 23, जनपद सदस्यों के 216, सरपंचों के 553 और पंचों के 9583 पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं। आज से सभी पदों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले दिन कई अभ्यर्थियों ने नामांकन पत्र ले तो गए, लेकिन जमा करने के लिए एक ही उम्मीदवार पहुंचा।
एसडीएम, तहसीलदार, सेक्टर अधिकारी मतदान केन्द्रों का भ्रमण करें

बैतूल कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अमनबीर सिंह बैंस ने समस्त एसडीएम, तहसीलदार एवं पंचायत निर्वाचन के लिए नियुक्त सेक्टर अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर मतदान केंद्रों के भवनों की स्थिति का भौतिक सत्यापन कर लें। भ्रमण के दौरान यह भी देखें कि मतदान केन्द्र भवन में कोई मरम्मत की जरूरत तो नहीं है।
साथ ही भवन की छत तो न रिसती हो, यदि मरम्मत की आवश्यकता हो तो तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएं। भ्रमण के दौरान मतदान केंद्रों तक पहुंचने वाले मार्गों की स्थिति भी देख ली जाए, ताकि बरसात की स्थिति में मतदान दलों को मतदान केन्द्रों तक पहुंचने में असुविधा न हो।
संयुक्त कलेक्टर एसपी मंडराह सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अमनबीर सिंह बैंस ने जिला पंचायत सदस्य के नाम-निर्देशन पत्र प्राप्त करने के लिए संयुक्त कलेक्टर एसपी मंडराह को सहायक रिटर्निंग अधिकारी (जिला पंचायत) नियुक्त किया है।



