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MP transport driver work hours: MP में बस-ट्रक ड्राइवर अब 8 घंटे से ज्यादा नहीं करेंगे ड्यूटी, सरकार ने दिए सख्त निर्देश

MP transport driver work hours: मध्यप्रदेश में अब बस, ट्रक, टैक्सी जैसे वाहनों का संचालन करने वाले ड्राइवरों, कंडक्टरों और क्लीनरों से रोजाना 8 घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जा सकेगा। इसी तरह सप्ताह में 48 घंटे से अधिक कार्य नहीं कराया जा सकेगा। इन प्रावधानों का गंभीरता से पालन किए जाने की हिदायत श्रमायुक्त रजनी सिंह ने ट्रांसपोर्टरों को दी है।

दरअसल, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य सरकार प्रभावी कदम उठा रही है। इस दिशा में परिवहन वाहनों जैसे बस, ट्रक, टैक्सी आदि का संचालन करने वाले ड्रायवरों तथा अन्य स्टाफ जैसे कंडक्टर और क्लीनर के कार्य के घंटे के संबंध में प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की पहल की जा रही है। इसी सिलसिले में मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला शुक्रवार को श्रमायुक्त कार्यालय, इंदौर में सम्पन्न हुई।

सुविधाओं के बारे में भी दी जानकारी (MP transport driver work hours)

कार्यशाला में श्रमायुक्त रजनी सिंह ने मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम, 1961 के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट कार्यों में संलग्न ड्राइवरों और अन्य स्टाफ के कार्य के घंटों, विश्राम अवधि और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के लिए प्रतिदिन 8 घंटे और साप्ताहिक 48 घंटे कार्य की अवधि निर्धारित है। इन प्रावधानों का गंभीरता से पालन किया जाना आवश्यक है।

लंबी अवधि तक कार्य से तनाव (MP transport driver work hours)

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रायवरों और स्टाफ के लगातार लंबी अवधि तक कार्य करने और विश्राम का समय न मिलने से थकान और तनाव की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। श्रमायुक्त ने वाहन चालकों के समय-समय पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषकर नेत्र परीक्षण, सुनिश्चित करने का सुझाव भी दिया।

वाहनों में लगाए जाए सीसीटीवी कैमरे (MP transport driver work hours)

उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न तकनीकों और उपकरणों की सहायता से, साथ ही जागरूकता और प्रचार-प्रसार के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इसके लिए ड्रायवरों के कार्य समय और विश्राम अवधि की निगरानी करने तथा अन्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने हेतु मोटर वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस प्रणाली जैसे तकनीकी उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

यहां पर लागू किया जाएगा यह सिस्टम (MP transport driver work hours)

कार्यशाला में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में संभावित वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ड्रायवर और पैसेंजर मैनेजमेंट सिस्टम का भविष्य में उपयोग किया जाएगा।

हादसों को रोकने दी गई प्रस्तुति (MP transport driver work hours)

इस संबंध में कार्यशाला में एक प्रस्तुति भी दी गई, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। कार्यशाला में ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अधिनियम के परिपालन के लिए सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए और मोटर यातायात श्रमिक अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

बैठक में यह रहे प्रमुख रूप से मौजूद (MP transport driver work hours)

कार्यशाला में श्रम विभाग से प्रभात दुबे, आशीष पालीवाल, जिला परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा, अटल इंदौर ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान, प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा, इंदौर ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सीएल मुकाती एवं अन्य ट्रांसपोर्टर्स उपस्थित थे। (MP transport driver work hours)

FAQs:

Q1: नया नियम किस अधिनियम के तहत लागू होगा?
A: यह मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम, 1961 के तहत लागू किया जा रहा है।

Q2: ड्राइवर से कितना कार्य लिया जा सकेगा?
A: प्रतिदिन अधिकतम 8 घंटे और सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे।

Q3: क्या यह नियम निजी ट्रांसपोर्ट पर भी लागू होगा?
A: हां, यह नियम सभी बस, ट्रक, टैक्सी आदि ट्रांसपोर्ट वाहनों पर लागू होगा।

Q4: क्या ड्राइवरों के स्वास्थ्य की निगरानी भी की जाएगी?
A: हां, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच, खासकर नेत्र परीक्षण अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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