Betul Mandi: बैतूल मंडी में बोरों में उपज लाने पर भी की जाएगी नीलामी, ट्रॉली की व्यवस्था भी रहेगी जारी

Betul Mandi: मध्यप्रदेश के बैतूल में स्थित कृषि उपज मंडी बडोरा (Krishi Mandi Badora) में ट्रॉली में खुली उपज लाने पर ही नीलामी की व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था का किसान और हम्माल तुलावटी विरोध कर रहे हैं। छोटे किसानों की समस्या भी वाजिब है। जिसे देखते हुए मंडी प्रबंधन द्वारा तय किया गया है कि यदि कोई छोटा किसान कम उपज होने से बोरे में भी लाता है तो उसकी नीलामी भी की जाएगी। उसे भी वापस होने की जरुरत नहीं पड़ेगी। मंडी प्रबंधन ने छोटे-बड़े सभी किसानों की उपज की नीलामी करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
अभी तक मंडी में किसान अपनी उपज लाते थे और शेड और परिसर में उनके ढेर लगाते थे। इन ढेरों पर व्यापारी और मंडी कर्मचारी पहुंचते थे। वे बोली लगाते थे और फिर उपज नीलाम होती थी। हाल ही में मंडी प्रबंधन ने बैठक में सभी की सहमति से यह निर्णय लिया था कि प्रदेश की अन्य मंडियों की तरह बडोरा मंडी में भी ट्रॉली में खुले में लाए गए अनाज की ही नीलामी की जाएगी। यह निर्णय लागू भी कर दिया है। एक-दो दिन इसी व्यवस्था के तहत अनाज की नीलामी भी हुई।
इस बीच बुधवार को किसानों ने इस निर्णय का विरोध कर दिया। उन्होंने पुरानी व्यवस्था के तहत ही नीलामी किए जाने की मांग की। उनका कहना है कि ढेर लगाकर बेचने से उनके माल की माप तौल जल्द हो जाता था। उसी दिन भुगतान भी हो जाता था। नई व्यवस्था से किसानों को दोगुना नुकसान हो रहा है। एक वाहन में दो से तीन किसान मिलकर अपना माल जाते हैं। ऐसे में बोरों में भरकर ही अनाज लाया जा सकता है। इसलिए पुरानी व्यवस्था ही लागू की जाएं।
गुरुवार को नहीं हो पाई खरीदी
इधर हम्माल और तुलावटी भी नई व्यवस्था का विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि नए नियम लागू किए जाने से मंडी में अनाज की आवक कम हो गई है। अगर यही व्यवस्था रही तो मंडी में अनाज की आवक बिल्कुल बंद हो जाएगी। ऐसे में यहां काम करने वाले हम्माल और तुलावटी बेरोजगारी की कगार पर पहुंच जाएंगे। उन्होंने भी पुरानी व्यवस्था को ही लागू किए जाने की मांग की है। व्यवस्था का विरोध जताने के लिए ही हम्माल और तुलावटी आज मंडी आए ही नहीं। इसके चलते व्यापारी भी खरीदी नहीं कर पाए।
छोटे किसानों को भी मिलेगी राहत
छोटे किसानों का भी कहना सही है कि उनकी फसल इतनी नहीं होती कि एक ट्रॉली में एक ही किसान का माल लाया जा सके। ऐसे में मजबूरी में उन्हें बोरों में भरकर लाना पड़ता है। मंडी प्रशासन ने इस संबंध में बताया कि छोटे किसानों की समस्या को देखते हुए तय किया है कि यदि छोटे किसान बोरों में भरकर अनाज लाते हैं तो उसकी नीलामी भी की जाएगी। किसी भी किसान को वापस लौटने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। हालांकि ट्रॉली से नीलामी की व्यवस्था भी लागू रहेगी।



