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रोमानिया के एक शेल्टर में रुका है पाढर का दीपांशु, जल्द वतन वापसी की उम्मीद, भेजा वीडियो

  • कृष्णकांत आर्य, पाढर
    यूक्रेन में रूस द्वारा हमला किए जाने के समय यूक्रेन के विन्नित्स्या शहर में मौजूद जिले का पाढर निवासी एमबीबीएस छात्र यूक्रेन की बॉर्डर क्रॉस कर रोमानिया पहुंच गया है। हालांकि इसके दो दिन बाद भी वतन वापसी के लिए फ्लाइट नहीं मिली है। दीपांशु को वर्तमान में रोमानिया के एक शेल्टर में रूकवाया गया है। जहां भारत सरकार के निर्देश पर भारतीय छात्रों के लिए बेहतर व्यवस्था की गई हैं। जिसके चलते दीपांशु ने तीन दिन लगातार जागने के बाद भरपूर नींद ली।

    मंगलवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी और तहसीलदार प्रभात मिश्रा दीपांशु के घर पाढर पहुंचे। जहां उन्होंने दीपांशु के माता-पिता सहित अन्य परिजनों को आश्वस्त किया कि दीपांशु यूक्रेन से निकल गया है और उसकी शीघ्र वतन वापसी होगी।

    तीन दिन जागने के बाद ली भरपूर नींद

    पाढर निवासी शिक्षक उमेश विश्वकर्मा का पुत्र दीपांशु रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला किए जाने के दौरान यूक्रेन के विन्नित्स्या शहर में फंस गया था। भारतीय दूतावास के निर्देश पर दीपांशु 26 फरवरी को विन्नित्स्या शहर से बस करके रोमानिया बार्डर पहुंचे। 24 घंटे तक रोमानिया बार्डर पर माइनस दस डिग्री तापमान में रहने के बाद दीपांशु सहित अन्य भारतीय स्टूडेंट को रोमानिया ले जाया गया।

    यहाँ उन्हें एयरपोर्ट से 30 किलोमीटर दूर एक शेल्टर होम में रुकवाया गया है। भेजे वीडियो में छात्र दीपांशु ने बताया कि रोमानिया के इस शेल्टर में जहां रूकवाया गया है, बेहतर व्यवस्था की गई है। सोने के लिए पलंग है वहीं खाने की भी व्यवस्था है। दीपांशु ने बताया कि वे यूक्रेन से निकलने के बाद 3 दिन से सो नहीं पाए थे। यहाँ पहुंचने के बाद सभी स्टूडेंट ने भरपूर नींद ली।

    वतन वापसी की कोई जानकारी नहीं

    दीपांशु ने बताया कि उन्हें शेल्टर में 15 घंटे से रूकवाया गया है। यहां सभी व्यवस्था ठीक है, लेकिन उनकी वतन वापसी कब होगी, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। भारत सरकार द्वारा जैसे ही फ्लाइट की व्यवस्था की जाएगी वे वापस आ जाएंगे।

    भारतीय छात्र की मौत से सदमा

    यूक्रेन से रोमानिया पहुंच चुके दीपांशु विश्वकर्मा ने बताया कि मंगलवार को यूक्रेन के खार्किव में एक भारतीय छात्र की खाना लेने के दौरान रूसी सेना द्वारा की गई फायरिंग से मौत हो गई। इससे सभी स्टूडेंट सदमे में है। दीपांशु ने बताया कि वे तो किसी तहर यूक्रेन से निकलकर आ गए है, लेकिन अब भी हजारों स्टूडेंट यूक्रेन में फंसे हुए वहां हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए है। अब वहां से बॉर्डर तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है।

    परिवार से मिलने पहुंचे अधिकारी

    यूक्रेन से निकलने से चार दिन बाद भी दीपांशु को फ्लाइट नहीं मिलने से पाढर में उनके परिजन चिंतित है। मंगलवार को एएसपी नीरज सोनी और तहसीलदार प्रभात मिश्रा दीपांशु के माता-पिता से मिलने उनके पाढर स्थित घर पहुंचे। यहां उन्होंने दीपांशु के पिता उमेश विश्वकर्मा, मां गायत्री विश्वकर्मा, भाई कुशल और मिथलेश विश्वकर्मा से चर्चा की।

    श्री सोनी ने दीपांशु के विषय में जानकारी ली और परिवारजनों को आश्वस्त किया कि दीपांशु की शीघ्र वतन वापसी होगी। श्री सोनी ने कहा कि किसी भी प्रकार की कोई परेशानी हो या मदद की आवश्यकता हो तो वे उन्हें बताए वे उनकी बात शासन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाएंगे। एएसपी श्री सोनी ने दीपांशु के परिजनों को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि वे दीपांशु के संबंध में किसी भी प्रकार की मदद के लिए उन्हें अवगत कराएं।

  • उत्तम मालवीय

    मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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