Farmer Success Story: लाखों की नौकरी छोड़ खेती करके हरीश धनदेव बने करोड़पति, कमा रहे हैं करोड़ों रुपए
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Farmer Success Story: आज के समय में सरकारी नौकरी मिलना बहुत मुश्किल मुश्किल होता है। जीवन में अगर कुछ बड़ा हासिल करना है, तो कुछ जोखिम उठाने ही पड़ते है। कुछ ऐसा ही किया एक 24 वर्षीय इंजीनियर हरीश धनदेव ने। जिन्होंने 2013 में अपनी अच्छी खासी सरकारी नौकरी छोड़ कर एलोवेरा (घृतकुमारी) की खेती करने लगे। आज वह एक कंपनी के मालिक हैं, जिसका कारोबार करोड़ों में है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में लोगों की कृषि में रूचि कम होती जा रही है। ऐसे में इंजीनियर से किसान बने हरीश धनदेव एक प्रेरणा हैं उन सभी युवाओं के लिए जो कृषि क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।
कौन है किसान हरीश धनदेव (Farmer Success Story)
हरीश धनदेव राजस्थान के रहने वाले हैं। वे पहले सरकारी इंजीनियर थे। उनकी पोस्टिंग जैसलमेर नगर परिषद में जूनियर इंजीनियर के पद पर थी। लेकिन उनका मन नौकरी करने में नहीं लगा। इसलिए उन्होंने जूनियर इंजीनियर की नौकरी छोड़ दी और गांव में आकर एलोवेरा की खेती करने लगे। इससे उनकी जिन्दगी ही बदल गई है। आज वे एलोवेरा बेचकर लखपति नहीं बल्कि करोड़पति बन गए हैं।
एलोवेरा की खेती से उद्यमी बन गए (Farmer Success Story)
हरीश धनदेव का कहना है कि वह एक दिन दिल्ली में एक कृषि प्रदर्शनी में गए थे। प्रदर्शनी में जाने के बाद हरीश धनदेव का नौकरी से मोह भंग हो गया। उन्होंने खेती करने के सपने को पूरा करने के लिए नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। फिर, जैसलमेर स्थित अपने गांव में आकर 120 एकड़ जमीन पर एलोवेरा की खेती शुरू कर दी। हालांकि, राजस्थान में ज्यादातर किसान बाजरा, मक्का और गेहूं जैसे परंपरागत फसलों की खेती करते हैं। लेकिन हरीश धनदेव ने औषधीय फसलों की खेती करने का फैसला किया और आज वे एलोवेरा की खेती से किसान ही नहीं, बल्कि एक उद्यमी भी बन गए है।
एलोवेरा की फसल को व्यापारी हाथों हाथ खरीद लेते हैं
विशेष बात यह है कि हरीश धनदेव एलोवेरा की सिर्फ एक किस्म बार्बी डेनिस की ही खेती करते हैं। इस किस्म की मांग हांगकांग, ब्राजील और अमेरिका में बहुत है। बार्बी डेनिस एलोवेरा का इस्तेमाल लक्जरी कॉस्मैटिक्स प्रोडक्ट्स में रॉ मटेरियल के रूप में किया जाता है। यही वजह है कि उनके खेत में उगाई गई एलोवेरा की फसल को व्यापारी हाथों हाथ खरीद लेते हैं।
सालाना का टर्नओवर 2-3 करोड़ रुपए (Farmer Success Story)
हरीश जैसलमेर जिले में ही नेचरेलो एग्रो नाम से खुद की अपनी एक कंपनी खोली है। हरीश ने एलोवेरा के 80,000 पौधों से खेती की शुरुआत की थी। अब उनके खेत में लाखों की संख्या में एलोवेरा के पौधे लगे हुए हैं।
धनदेव पतंजलि को डायरेक्ट एलोवेरा के आधिकारिक सप्लाई करते हैं। इससे उनकी कंपनी को बहुत अधिक फायदा हो रहा है। अब धनदेव ग्लोबल ग्रुप चलाने वाले और दुनिया भर में एलोवेरा का निर्यात करने वाले करोड़पति किसान बन गए हैं । उनका सलाना का टर्नओवर 2-3 करोड़ रुपये का है।
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हरीश धनदेव ने दी किसानों को प्रेरणा (Farmer Success Story)
हरीश बताते हैं, “कि उन्हें उन तीन लकड़हारों की कहानी याद हो आयी, जिन्हें कुल्हाड़ी दे कर 3 घंटे में पेड़ काटने को कहा गया था। उनमें से दो लकड़हारे तुरंत कुल्हाड़ी लेकर पेड़ काटने में जुट गए जबकि तीसरे लकड़हारे ने 2 घंटे तक अपनी कुल्हाड़ी को धार दिया और उसके बाद पेड़ को काटना शुरू किया और अंत में जीत इसी तीसरे लकड़हारे की हुई। काम करने की योजना और प्राथमिकता का क्रम तय करना ज़रूरी है तभी आप उसका मन मुताबिक़ फल पा सकते हैं। जिन कृषकों को उन्होंने देखा था उनमें इस कौशल की कमी थी। “

