Balatkari ko saja : नाबालिक का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास
• विजय सावरकर, मुलताई
तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश मुलताई ने नाबालिक बालिका का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाली विशेष लोक अभियोजन अधिकारी मालिनी देशराज की।
प्रकरण की जानकारी देते हुए देशराज ने बताया कि बीते 9 मार्च 2019 को पीड़िता की मां ने अपनी नाबालिग पुत्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस थाने में दर्ज कराई थी कि 9 मार्च को उसकी 16 वर्षीय पुत्री शौच के लिए जा रही थी। उसी दौरान अज्ञात व्यक्ति नाबालिग पुत्री को कुछ सुंघाकर मोटर साइकिल पर सवार कर अपने साथ ले गया है।
पीड़िता की मां ने घटना की जानकारी तत्काल डायल हंड्रेड वाहन को दी। महिला की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 363 का केस दर्ज कर प्रकरण की विवेचना की। विवेचना के दौरान यह खुलासा हुआ कि ग्राम वलनी निवासी संदीप पिता मनोहर सिंह राठौड़ नाबालिग को बहला-फुसलाकर और अपहरण कर सिवनी के पास एक ग्राम में लेकर गया था। जहां संदीप ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया।
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नाबालिग के वापस आने के बाद पुलिस ने नाबालिग और उसके परिजनों के बयान के आधार पर संदीप राठौर के खिलाफ केस में धारा 366 376(2) एन और पॉक्सो एक्ट की धारा का इजाफा कर विवेचना उपरांत प्रकरण न्यायालय में पेश किया।
तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश ने अभियोजन के द्वारा न्यायालय के समक्ष आए तथ्यों के आधार पर प्रकरण की सुनवाई उपरांत आरोपी संदीप को धारा 363 के तहत दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपए के जुर्माने से, धारा 366(ए) के तहत दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं पॉक्सो एक्ट की धारा छह के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और तीन हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।



