खबर का असर: सिविल सर्जन और मेट्रन को जारी किए गए शोकॉज नोटिस

कोरोना महामारी के लिए भर्ती किए गए स्टाफ में एक गर्भवती स्टाफ नर्स की भी भर्ती कर लिए जाने के मामले में सीएमएचओ (CMHO) डॉ. एके तिवारी ने सिविल सर्जन डॉ. एके बारंगा और सिविल सर्जन ने मेट्रन माला चौकसे को शोकॉज नोटिस (show cause notice) जारी किया है। ‘बैतूल अपडेट’ ने 16 फरवरी को यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था कि स्टाफ नर्स की सेवा समाप्त करके उस पर तो गाज गिरा दी, लेकिन जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. तिवारी ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। उक्त स्टाफ नर्स चूंकि उनके अधीन कार्य कर रही थी। नोटिस में कहा गया है कि गर्भवती होने के बावजूद उक्त नर्स कोविड में काम कर रही थी। इसका आपने पर्यवेक्षण क्यों नहीं किया, इसका उत्तर प्रस्तुत करें।
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इधर सिविल सर्जन डॉ. बारंगा ने इस मामले को लेकर मेट्रन माला चौकसे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि आपका पदीय कर्तव्य है कि आप जिला चिकित्सालय बैतूल में कार्यरत समस्त नर्सिंग ऑफिसर की उपस्थिति पंजीयन, प्रत्येक वार्ड में जाकर स्टाफ की उपस्थिति एवं कार्य का अवलोकन व निरीक्षण करें।
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आपके द्वारा अस्थाई संविदा कोविड-19 नर्सिंग ऑफिसर की ड्यूटी कोविड वार्ड में लगाई गई थी। जबकि उक्त नर्सिंग ऑफिसर 9 माह से गर्भवती थी। उसके पश्चात् भी आपके द्वारा उक्त नर्सिंग ऑफिसर की गर्भावस्था से संबंधित जानकारी से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत नहीं कराया गया। जिसके कारण उक्त नर्स विगत 9 माह से गर्भवती होने के साथ-साथ कोविड वार्ड में निरंतर कार्य करती रही। यही नहीं 12.02.2022 को कार्य के दौरान कोविड पॉजिटिव हो गई।
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इस कारण प्रशासकीय आदेशों की विगत 9 माह से अवहेलना हुई। साथ ही मानवीय दृष्टिकोण से गर्भवती महिला के साथ गर्भावस्था शिशु की जान को भी जोखिम में डाला गया। यह आपकी घोर लापरवाही को दर्शाता है जिसके कारण विभाग की छवि भी धूमिल हुई है। आपके द्वारा ऐसा कृत्य कर कर्तव्य निर्वहन के प्रति घोर लापरवाही एवं उदासीनता बरती गई। यह सिविल सेवा आचरण नियम-1965 के नियम, 3 के उप नियम (एक) एवं (दो) का घोर उल्लंघन हैं।
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इस संबंध में आप अपना स्पष्टीकरण 24 घण्टे के अन्दर अनिवार्य रूप प्रस्तुत करें। जबाब संतोषप्रद नहीं होने एवं समय अवधि में प्रस्तुत ना करने पर आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी जिसकी जिम्मेदारी आपकी स्वयं की होगी।
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